Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

भारत में नाजीवाद का आयात कर रही मोदी सरकार

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 8, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
Subrato Chatterjeeसुब्रतो चटर्जी

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के एक प्रोफ़ेसर पर किसी संघी लंपट की शिकायत पर क़ानूनी कार्रवाई की जा रही है. उन पर ये आरोप है कि वे रेप के समाजशास्त्र पढ़ाते हुए हिंदू देवी देवताओं के द्वारा किए गए अनगिनत रेप के मामलों का ज़िक्र क्लास में कर रहे थे. इन बातों के ज़िक्र से एक लंपट की भावना आहत हो गई और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने उस प्रोफ़ेसर पर त्वरित कार्रवाई की.

इधर मध्य प्रदेश में एक थाने में पत्रकारों के एक ग्रुप को किसी बेईमान भाजपाई विधायक की शिकायत पर नंगा कर बिठा दिया गया. कहीं से ख़बर आती है कि कोई भगवाधारी लंपट खुले आम एक समुदाय विशेष के खिलाफ ज़हर उगल रहा है और लोगों को नरसंहार के लिए प्रेरित कर रहा है.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

हिजाब, मांसाहार, अजान, लाउडस्पीकर पर गर्मागर्म बहस हो रही है. महंगाई के समर्थक बहुत आक्रामक तरीकों से अपनी कंगाली के समर्थन में ज़ोर-शोर से टीवी पर बाईट दे रहे हैं. गुणगान कर रहे हैं. इन्हीं सबके बीच रेल, भेल, सेल, बैंक सारे बिक रहे हैं. संविदा पर पुलिस और सेना में भर्ती कर नाज़ी जर्मनी के ‘एसएस’ की तर्ज़ पर हत्यारों की फ़ौज बनाने की तैयारी चल रही है.

इसी दौरान सरकारी नौकरियां ख़त्म हो रही हैं और व्यापारी और किसान ख़ुदकुशी कर रहे हैं. नौजवानों को भी ख़ुदकुशी करनी पड़ रही है. अर्थव्यवस्था रसातल में चली गई है. भारत का व्यापारिक घाटा क़रीब 190 करोड़ डॉलर पहुंच गया है और रुपए का पिछले चालीस सालों में सबसे ज़्यादा अवमूल्यन हुआ है.

ये सारी घटनाएं और परिदृश्य को आप अलग-अलग कर नहीं देख सकते हैं. दरअसल मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत एक तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गई थी और दुनिया में चौथे नंबर पर थी. भारत की बढ़ती साख से अमरीका परेशान था. पश्चिमी देशों को भारत की आर्थिक विपन्नता इसलिए भाती है कि कमज़ोर भारत हमेशा विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के उपर निर्भर कर एक विशाल बाज़ार बना रहेगा. मोदी सरकार ठीक उसी दिशा में काम कर रही है.

पिछले आठ सालों में मोदी सरकार ने विदेशों से उतना क़र्ज़ लिया जितना पिछली सरकारों ने 65 सालों में नहीं लिया था. नतीजतन, हमारी जीडीपी का क़रीब 42% सिर्फ़ क़र्ज़ चुकाने पर ही खर्च हो रहा है. श्रीलंका की तर्ज़ पर हमारे यहां जनकल्याण कारी योजनाओं पर खर्च नहीं हो रहा है. पांच किलो का मोदी झोला कोई जनकल्याणकारी योजना नहीं है. ये देश की जनता को भिखारी बनाए रखने की फ़ासिस्ट साज़िश है.

‘दाल रोटी खाओ, प्रभु के गुण गाओ’ की धुन पर झूमते हुए गोबरपट्टी ने प्रभु पर किस तरह से वोटों की बारिश कर दी है, ये हमने हाल में ही यूपी चुनाव में देखा है. मतलब साफ़ है. भारत में ठीक उसी तर्ज़ पर नाज़ीवाद निर्यात किया गया है जैसे पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन में किया गया. वैश्विक परिदृश्य की समझ के बग़ैर आप किसी देश की अंदरूनी राजनीति को नहीं समझ पाएंगे.

आगे एक बहुत लंबी लड़ाई है. इजारेदार, गिरोहबंद पूंजीपतियों और उनके पाले हुए सरकारों के खिलाफ. समाज पर हावी होते लंपट ताक़तों के खिलाफ. मरी हुई अदालतों के खिलाफ. भ्रष्ट नौकरशाही के खिलाफ और सबसे कठिन लड़ाई उस राजनीतिक चेतना के खिलाफ जो जनवादी सोच के विरुद्ध तरह तरह के नारे ले कर खड़ा है, जैसे गांधीवाद, गांधीवादी समाजवाद, लोहियावाद इत्यादि इत्यादि.

कम्युनिस्ट के सिवा नाज़ीवाद को कोई नहीं हरा सकता है, यही अंतिम सत्य है. बिना संपूर्ण गधत्व को प्राप्त किए ये सोचना भी संभव नहीं है कि कोई ईश्वरवादी, भाग्यवादी जनता फ़ासिस्ट लोगों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी. न ही ऐसी कोई राजनीतिक विचारधारा, जो इन बकवास बातों पर विश्वास रखता हो, लड़ सकती है.

आप चुनावी राजनीति के ज़रिए भाजपा को आने वाले एक सौ सालों में नहीं हरा सकते हैं, ये लिख कर रख लीजिए. हां, अगर कुछ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां ऐसी बनीं कि इन नाजियों को जाना पड़े तो और बात है. तब तक आप चुनावी लेफ़्ट की एकता और विपक्षी दलों की एकता के तिलिस्म में जीने को स्वतंत्र हैं !

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

पानी पर पहरा : बोलिविया के रास्ते पर बढ़ता भारत

Next Post

केंद्र सरकार दिल्ली विधानसभा को समाप्त करने की योजना बना रही है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

केंद्र सरकार दिल्ली विधानसभा को समाप्त करने की योजना बना रही है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

माओवादियों के एक साधारण प्लाटून सदस्य के साथ साक्षात्कार

October 26, 2024

कोरोना से एक खूंखार जंग

June 21, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.