उत्तर बिहार में माओवादी आंदोलन: मुशहरी से MCC तक और फिर अंत की ओर बढ़ती एक लंबी कहानी
उत्तर बिहार में माओवादी आंदोलन को केवल बंदूक, पुलिस मुठभेड़ और भूमिगत संगठनों की कहानी मानना अधूरा होगा. इसकी जड़ें भूमि संबंधों, सामाजिक असमानता, जातिगत तनाव, ग्रामीण गरीबों की शिकायतों और राज्य की कमजोर उपस्थिति से जुड़ी व्यापक राजनीतिक-सामाजिक परिस्थितियों में थीं.
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