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यदि आप गरीबी, भुखमरी के विरुद्ध आवाज उठाएंगे तो आप अर्बन नक्सल कहे जायेंगे. यदि आप अल्पसंख्यकों के दमन के विरुद्ध बोलेंगे तो आतंकवादी कहे जायेंगे. यदि आप दलित उत्पीड़न, जाति, छुआछूत पर बोलेंगे तो भीमटे कहे जायेंगे. यदि जल, जंगल, जमीन की बात करेंगे तो माओवादी कहे जायेंगे. और यदि आप इनमें से कुछ नहीं कहे जाते हैं तो यकीं मानिये आप एक मुर्दा इंसान हैं - आभा शुक्ला

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भागलपुर, विशेष केन्द्रीय कारा (तृतीय खण्ड) में बंद एक प्रशासनिक बन्दी प्रमोद मिश्रा का पत्र

वरिष्ठ माओवादी राजनैतिक बंदी और भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड प्रमोद मिश्रा...

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