धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरियागैर आदिवासी समाज से भिन्न...
ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था... भारतीय...
दिल्ली में FACAM के खिलाफ़ आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्व में दिल्ली पुलिस के आक्रामक...
पिछले आलेख में वर्ग और जाति के अंतर्संबंधों की चर्चा करते हुए हमने यह रेखांकित किया था कि वर्ग और...
Read moreDetailsआनंद तेलतुंबड़े हक़ीक़त बेहद डरावनी है जिसका हम सामना कर रहे हैं. चुनाव आयोग वही आख़िरी संस्था है जिस पर...
Read moreDetailsमोदी सरकार का योजना जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली 'आंकड़ों की बाजीगरी' है ! पंकज कुमार जाट साहब...
Read moreDetailsसशस्त्र संघर्ष के समर्थन में गणपति का साक्षात्कार प्रश्न: सशस्त्र संघर्ष क्यों आवश्यक है ? (क्या यह सच नहीं है...
Read moreDetailsआज से 22 साल पहले चीन यात्रा के दौरान पेकिंग विश्वविद्यालय के एक चीनी मूल के हिंदी प्रोफेसर ने बातचीत...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.