मुखपृष्ठ

पुस्तक / फिल्म समीक्षा

पुस्तक / फिल्म समीक्षा के नवीनतम लेख और विचार।

55 प्रकाशित लेख
Advertisement
‘कास्ट एंड रिवोलुशन’ : जाति उन्मूलन का एक क्रान्तिकारी नज़रिया

‘कास्ट एंड रिवोलुशन’ : जाति उन्मूलन का एक क्रान्तिकारी नज़रिया

By Rohit Sharma June 9, 2025in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 896

‘कास्ट एंड रिवोलुशन’ : जाति उन्मूलन का एक क्रान्तिकारी नज़रिया मनीष आज़ाद नक्सलबाड़ी आन्दोलन के दौरान जब कॉमरेड चारू मजूमदार के

Read More
'नो अदर लैंड', तब जाएं तो जाएं कहां ?

'नो अदर लैंड', तब जाएं तो जाएं कहां ?

By Rohit Sharma April 16, 2025in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 562

'नो अदर लैंड', तब जाएं तो जाएं कहां ? तानाशाहों को हमेशा लगता है कि कला जैसे उनके लिए काल बन कर आ रही है. इसलिये वे जब-तब कभी कलाकार पर तो कभी उसके काम पर हमला बोलते रहते हैं. पूरब से प

Read More
दि फर्स्ट ग्रेडर : एक मर्मस्पर्शी फिल्म

दि फर्स्ट ग्रेडर : एक मर्मस्पर्शी फिल्म

By Rohit Sharma March 23, 2025in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 520

दि फर्स्ट ग्रेडर : एक मर्मस्पर्शी फिल्म मनीष आज़ाद केन्या सरकार की सबको मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा के बाद एक 84 साल के बुजुर्

Read More
‘No Other Land’: A moment of hope and solidarity

‘No Other Land’: A moment of hope and solidarity

By Rohit Sharma March 4, 2025in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 446

‘No Other Land’: A moment of hope and solidarity मनीष आज़ाद कल ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री’ का ऑस्कर अवार्ड प्राप्त करते हुए ‘No Oth

Read More
'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी

'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी

By Rohit Sharma March 2, 2025in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 943

'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी मनीष आज़ाद 14 फरवरी को विकी कौशल अभिनीत फिल्म 'छावा' महाराष्ट्र, मध्य प्

Read More
मौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता

मौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता

By Rohit Sharma February 9, 2025in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 1,308

मौमिता आलम के ठंडे उत्तरों के पीछे खौलते सवालों की कविता । मूल्य 250/रूपये, प्रकाशन: न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन, अनुवाद: अमिता शीरीं मनीष आ

Read More
‘पेदरो परामो’ बनाम पेदरो परामो यानी जादू बनाम यथार्थ

‘पेदरो परामो’ बनाम पेदरो परामो यानी जादू बनाम यथार्थ

By Rohit Sharma November 12, 2024in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 381

‘पेदरो परामो’ बनाम पेदरो परामो यानी जादू बनाम यथार्थ मनीष आजाद 1955 में प्रकाशित, ‘उआन रुल्फो’ ( Juan Rulfo ) के मशहूर उपन्या

Read More
'My Name Is Selma' : यह सिर्फ़ उस यहूदी महिला की कहानी भर नहीं है…

'My Name Is Selma' : यह सिर्फ़ उस यहूदी महिला की कहानी भर नहीं है…

By Rohit Sharma October 19, 2024in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 372

'My Name Is Selma' : यह सिर्फ़ उस यहूदी महिला की कहानी भर नहीं है… 98 साल की उम्र में यहूदी महिला 'सेल्मा' (Selma van de Perre) ने 2021 में इसी नाम से अपना संस्मरण लिखा. हिटलर के शासन के

Read More
आउट ऑफ दिस अर्थ : खनन कम्पनियों व पूंजीवाद के काम करने के तरीकों और जनप्रतिरोध की तीखी पड़ताल

आउट ऑफ दिस अर्थ : खनन कम्पनियों व पूंजीवाद के काम करने के तरीकों और जनप्रतिरोध की तीखी पड़ताल

By Rohit Sharma September 25, 2024in : पुस्तक / फिल्म समीक्षा 0 583

आउट ऑफ दिस अर्थ : खनन कम्पनियों व पूंजीवाद के काम करने के तरीकों और जनप्रतिरोध की तीखी पड़ताल मनीष आजाद भारत के पूर्वी राज्यों

Read More

45 लेख बाकी हैं।