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किसी भी कीमत पर मानवता के दुश्मन अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटो को ध्वस्त करे रुसी और दुनिया की जनता

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 2, 2022
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किसी भी कीमत पर मानवता के दुश्मन अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटो को ध्वस्त करे रुसी और दुनिया की जनता
किसी भी कीमत पर मानवता के दुश्मन अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटो को ध्वस्त करे रुसी और दुनिया की जनता

‘हर रूसी सैनिक अभी भी अपनी जान बचा सकता है. आपके लिए हमारी भूमि पर आकर अपनी जान कुर्बान करने से बेहतर है कि आप रूस में रहकर जीवित रहें.’

नवनाजी फासिस्ट अमेरिकी टट्टू यूक्रेनी ‘राष्ट्रपति’ जेलेंस्की का बयान

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‘यूक्रेन और उसके सहयोगी देश, जिनमें ब्रिटेन भी शामिल है, रूस को पिछले एक हज़ार साल से धमका रहे हैं, वो नेटो को हमारी सीमाओं के क़रीब लाने की धमकी दे रहे हैं, हमारी संस्कृति को खारिज करना चाहते हैं, वो हमें कई सालों से डराते रहे हैं. ज़ाहिर तौर पर यूक्रेन को लेकर नेटो की योजनाएं रूस के नागरिकों के लिए ख़तरा हैं.’

रूस की संसद (डूमा) के सदस्य और रूस में प्रभावशाली टीवी होस्ट येवगेनी पोपोव ने ये बात बीबीसी के यूक्रेनकास्ट कार्यक्रम में 19 अप्रैल को कही.

अमेरिकी टट्टू जेलेंस्की यूक्रेन को जिस आग में झोंक दिया है, और अब अपना कॉमेडियन टाइप बयान दे रहा है, जो हर बार बदलता रहता है, विरोधाभासी रहता है, वह दरअसल अमेरिकी और नाटो गुंडों के उकसावे पर देता रहता है, जिसका कोई वास्तविक मूल्य नहीं है.

‘नाटो में शामिल न हो’ के एकसूत्री मांग को लेकर रुस ने यूकेन पर विशेष ऑपरेशन चलाया है. रुस को अपना रक्षा करने का पूरा अधिकार है. अमेरिका और नाटो के गुंडें रुस को बर्बाद कर देना चाहता है. जैसा कि रुसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था, रुस को यह विशेष ऑपरेशन 8 साल पहले ही चलाना चाहिए था. अगर अब भी रुस अगर यूक्रेन के खिलाफ ऑपरेशन न चलाता तो एक सोवियत संघ के पतन के बाद एक राष्ट्र के रुप में रुस का भी पतन निश्चित था.

अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसके नाटो गुंडें और उसके कॉमेडियन टट्टू जेलेंस्की जो रुस के सैनिकों को ‘जिन्दा रहने का’ फलसफा बांच रहा है, दरअसल यही वह गुंडें हैं जिसने रुसी जनता का जीना मुहाल कर रखा है. यदि रुस यूक्रेन पर हमला नहीं करता है और अमेरिकी गुंडों नाटो को अपने देश से दूर नहीं रख पाता है तो रुसी जनता का इराक से भी बुरा हश्र होना तय है. यही कारण है कि रुसी सांसद का बयान इतना गंभीर है.

यूकेन की धरती पर नाटो और अमेरिकी सैनिकों ने रुस पर हमला बोल दिया है

यूक्रेन में रूसी विशेष सैन्य ऑपरेशन के दौरान जिस बात की संभावना जताई जा रही थी, उसकी सच्चाई धरती फाड़कर बाहर निकल आई है. यूक्रेन की धरती पर रूस के खिलाफ अमेरिका, ब्रिटेन समेत नाटो के गुंडें लड़ रहे हैं. यानी यूक्रेन की सरजमी पर रूस के खिलाफ अमेरिकी साम्राज्यवाद की अगुवाई में नाटो के गुण्डों ने हमला बोल दिया है. आज यह खबर आई है कि यूक्रेन के सैनिकों के साथ कंधे-से-कंधे मिलाकर अमेरिकी और ब्रिटिश सैन्य विशेषज्ञ और सैनिकों की सीधी तैनाती है, जिसमें से एक अमेरिकी और एक ब्रिटिश नागरिक जो यूक्रेन में रूस के खिलाफ लड़ रहे थे, की मौत हो गई.

रूसी राष्ट्रपति व्लादमिर पुतिन ने आज से 4 साल पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अगर रूस पर हमले होते हैं तो हम परमाणु बम का भी इस्तेमाल करेंगे. अब जब यूक्रेन युद्ध के बहाने नाटो के गुंडों ने रूस के खिलाफ युद्ध में न केवल सैन्य आयुधों की आपूर्ति ही बढ़ा दिया है, बल्कि वह युद्ध की शुरूआत से ही नाटो के गुंडों की सीधी तैनाती भी कर रखी है और यूक्रेन के फौजियों की बर्दी पहनकर नाटो सैनिक रूस के खिलाफ लड़ रहे हैं. रूस का आरोप है उसके सैनिकों पर हमले और उसके ऐतिहासिक युद्धपोत ‘मास्कोवा’ को डुबोने में भी अमेरिका का हाथ है, तो यह आरोप नहीं सच्चाई है.

रुस के खिलाफ युद्व प्रोपेगैंडा में शामिल गुगल, सोशल मीडिया

विदित हो कि अमेरिकी साम्राज्यवाद यूक्रेन में न केवल सैन्य आयुध और सैन्य तैनाती ही कर रहा है बल्कि गूगल मैप और जीपीएस का सहारा लेकर रूसी फौजियों की सैन्य तैनाती की स्पष्ट तस्वीरों का भी इस्तेमाल कर रही है. अब एलन मस्क जैसे दक्षिणपंथी उद्योगपतियों के द्वारा ट्विटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साईट को जबरन खरीदकर इसका इस्तेमाल भी रूस के खिलाफ माहौल बनाने के लिए किया जायेगा. इतना ही नहीं अमेरिकी स्थित सर्वरों पर आधारित वेबसाईट जो अमेरिकी साम्राज्यवादी मंसूबों के साथ नहीं है, को भी लगतार बंद करने, परेशान करने का धमकी दिया जा रहा है.

अमेरिकी साम्राज्यवाद जो दुनिया भर में कत्लेआम करने के लिए कुख्यात है और अपने विरोधी देशों में तख्तापलट करने में दिन-रात लगा रहता है, अभी हाल ही में पाकिस्तान में तख्तापलट कर चुनाव के द्वारा चुनी गई इमरान खान की सरकार का तख्तापलट कर अमेरिका ने अपने एक पालतू को पाकिस्तान की सत्ता पर बिठा दिया है. यानी अमेरिकी साम्राज्यवाद दुनिया भर में हिंसा और तख्तापलट की जो कार्रवाई दशकों से कर रहा है, ठीक वहीं कार्रवाई उसने रूस के साथ भी किया है.

सोवियत संघ को ढहाने में अमेरिकी साम्राज्यवादी हाथों से इंकार नहीं किया जा सकता, तो उसके बाद भी अमेरिकी साम्राज्यवादियों ने रूस के अन्दरूनी मामलों में जारी रखा और नाटो का विस्तार कर रूस को कमजोर करने की कोशिश में लगा रहा. रुस के लिए यूक्रेन में सैन्य हस्तक्षेप रूस को जीवन-मरण के हालत में पहुंचा दिये जाने के बाद हुआ है. बकौल पुतिन उसे यूक्रेन में यह हस्तक्षेप 2014 में अमेरिकी साम्राज्यवादी द्वारा यूक्रेन के राष्ट्रपति का तख्तापलट कर दिया और बाद में जेलेंस्की जैसे कॉमेडियन नवनाजी को यूक्रेन की सत्ता पर बिठा दिया.

रुस क्या करे ?

अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटों गुंडे रुस की जनता को पाषाण युग में पहुंचा देना चाह रहा है. जिस तरह उसने इराक को मनगढ़ंत आरोप मढ़कर बर्बाद कर दिया, रुस को तो उससे भी बुरी दशा में धकेल देगा. यूक्रेन मे चल रहे ऑपरेशन में जिस तरह नाटो गुंडों ने अमेरिकी साम्राज्यवाद की अगुवाई में रुस पर धावा बोल दिया है और दुश्प्रचार का प्रोपेगैंडा फैला रहा है, रुस को किसी भी कीमत पर जीत हासिल करनी होगी.

जैसा कि कभी पुतिन ने कहा था – जब रुस ही नहीं रहेगा तो हम दुनिया का क्या करेंगे.’ निश्चित तौर पर यदि इस पूरी पृथ्वी को ही खत्म करना पड़े तब भी यह कीमत बहुत ही कम होगा अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसके नाटो गुंडों के बुरे मंसूबों को मिटाने में होने वाली नुकसान में. अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसके नाटो गुंडें समूची मानवता के लिए खतरनाक है. यह करोडों लोगों की हत्या और शोषण के लिए उत्तरदायी है. इसका खात्मा ही नवीन सूरज का उदय कहलायेगा.

अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटो कागजी बाघ है

समूची दुनिया में बम बरसाते घूम रहा अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसके नाटो गुंडें मानवता के शत्रु हैं और सारी दुनिया की जनता ने उसे मार भगाया है. लेकिन यह मार खाने के बाद भी फिर नये जगह युद्ध ठान देता है. युद्ध और मनुष्यों का खून ही अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटो गुंडें का जीवन रेखा है. चीन, कोरिया, वियतनाम, अफगानिस्तान में लात मारकर भगाया गया यह नरपिशाच अब यूक्रेन के बहाने रुसी जनता का खून पी रहा है.

महामानव लेनिन और स्टालिन की यह धरती साम्राज्यवादियों के बेहद ही क्रूर हमलों का शिकार रहा है और उतनी ही दृढता से उसका मूंहतोड़ जवाब भी दिया है. आज बेशक रुस लेनिन और स्टालिन की समाजवादी नीतियों से दूर खड़ा है तब भी सारी दुनिया की मेहनतकश जनता यही चाहेगी की रुस हर हार में विजयी हो और अमेरिकी साम्राज्यवाद और नाटो का नापाक गठबंधन ध्वस्त हो.

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