यूएपीए – काला क़ानून और उसका इतिहास हमारे देश का संविधान कहता है कि राज्य हर व्यक्ति के अधिकार की...
Read moreDetailsकायर सावरकर के माफीनामे की तुलना अब शिवाजी महाराज से छत्रपति बनने से पहले शिवाजी महाराज राजा थे. वे बेहद...
Read moreDetailsकिसान आंदोलन भाग- 2 : तैयारी और उसकी चुनौतियां संयुक्त किसान मोर्चा और किसान आंदोलन के अग्रगति का सवाल- लगभग...
Read moreDetailsफरीदी अल हसन तनवीर पिछले दो तीन वर्ष पहले हरियाणा के एक नेता जी ने ऐतिहासिक गौरव की रक्षार्थ एक...
Read moreDetailsपाउलो फ्रायरे : अच्छी और अर्थपूर्ण शिक्षा दिलाने वाली अभिनव प्रणाली के प्रणेता 1930 के शुरुआती सालों में में दुनिया...
Read moreDetailsतस्वीर - बीबीसी के सौजन्य से सुब्रतो चटर्जी लिव इन रिलेशन दरअसल (मौजूदा) सामाजिक कमिटमेंट से मुक्ति का प्रयास है....
Read moreDetailsफैंटेसी के युग में लेखक का अवमूल्यन जगदीश्वर चतुर्वेदी, कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में प्रोफेसर. e-mail : jcramram@gmail.com यह...
Read moreDetailsअरबिंदो घोष ने अपनी महत्वपूर्ण किताब 'द फाउंडेशन ऑफ़ इंडियन कल्चर' सहित अपनी व्यक्तिगत चर्चाओं में बहुत जोर देकर लिखा/कहा...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय सदियों पहले गिरिधर कविराय कह गए हैं - बिना विचारे जो करै, सो पाछे पछिताय. काम बिगारै आपनो,...
Read moreDetailsकैलाश मनहर : राजस्थान की हिन्दी कविता में प्रतिरोध के एक सशक्त कवि मिथ-कथाओं की बात करें कि प्रमाणिक सच...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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