कॉरपोरेट घरानों के लिए आदिवासियों के खून से रंगे सरकार के हाथ गृह मंत्री अमित शाह की नक्सलवाद को खत्म...
Read moreDetailsयह आलेख ‘कारवाँ’ के मार्च, 2019 के अंक में प्रकाशित हुआ था लेकिन यह मौजूदा मोदी सरकार की सनक भरी...
Read moreDetailsछत्तीसगढ़ में सिक्योरिटी फोर्सज द्वारा मारे गये 22 इंसानी लाशें किसकी है ? (प्रतीकात्मक तस्वीर) हिमांशु कुमार बुधवार को छत्तीसगढ़...
Read moreDetailsछत्तीसगढ़ के कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर खूंखार पुलिसियों का बड़ा हमला छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों...
Read moreDetailsमज़दूर दिवस पर एक अव्यावहारिक सुझाव सुब्रतो चटर्जी ये तो सर्वविदित है कि कि निजी पूंजी का महल मज़दूरों के...
Read moreDetailsचार्ली चैपलिन के जन्मदिन (16 अप्रैल) पर...सत्ता और ताक़त का माखौल उड़ाने वाला कलाकार हिटलर, मित्र सेनाओं और समाजवादी सोवियत...
Read moreDetailsआलोकधन्वा हिन्दी के जनवादी कविताओं की दुनिया में बड़ा नाम है. उनकी कविताओं में प्रेम की एक अजस्त्र धारा बहती...
Read moreDetailsहिंसक होकर हम हिंसा से मुक्त कैसे हो सकते है ! हिमांशु कुमार मनुष्य हिंसा मुक्त दुनिया बनाना चाहता है....
Read moreDetailsआवारा और दलाल पूंजी के खतरे के बीच सोनी सोरी के जन्मदिन पर इन्दरा राठौर मोटे तौर पर आवारा और...
Read moreDetailsसतयुग आ चुका था विष्णु नागर यह उस समय की बात है, जब सारे विरोध और अंतर्विरोध गहरे दफ्न हो...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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