कहीं से लाओ वह दिमाग़ जो ख़ुशामद आदतन नहीं करता : रघुवीर सहाय से पहली और आखिरी मुलाकात चन्द्रभूषण अक्टूबर...
Read moreDetailsसारांश : वेणुगोपाल एक महत्वपूर्ण जनवादी कवि थे, जिन्होंने नक्सलबाड़ी विद्रोह के दौरान अपनी पहचान बनाई. उनकी कविताओं में विद्रोह...
Read moreDetailsबांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने संडे को ज़ूम कॉल पर बांग्लादेश की नई सरकार को जमकर गालियां दीं...
Read moreDetailsसारांश : अमेरिका द्वारा अदानी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अर्थ यह है कि अदानी समूह पर अमेरिकी निवेशकों...
Read moreDetailsसारांश : हिंदुत्व फासीवाद और भारतीय लोकतंत्र पर इसके प्रभाव के बारे में एक दिलचस्प लेख है. लेखक का मानना...
Read moreDetailsसारांश : सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के बारे में एक दिलचस्प खबर है. हाल ही में, सीरिया में एक चुनाव...
Read moreDetailsआनंद तेलतुंबडे आरक्षण के उद्देश्य से अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उप-वर्गीकरण की वैधता को बरकरार रखने...
Read moreDetailsगनीमत मानिए पौराणिक कथाओं और तमाम धार्मिक कथाओं में खलनायक कोई मुसलमान नहीं है ! सुहैल अंसारी ये तो पौराणिक...
Read moreDetailsसारांश : यह लेख अक्टूबर 2015 में 'हिस्टोरियन्स' पर प्रकाशित हुआ था. यह लेख 'उपनिवेशवाद का वर्गीकरण' (A Classification of...
Read moreDetailsसारांश : यह लेख भारतीय संविधान और नियम कानून के महत्व पर केंद्रित है. लेख में कहा गया है कि...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.