आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, परन्तु आरएसएस-भाजपा बार-बार यह साबित करने की कोशिश करता रहता है कि हिन्दु आतंकवादी...
Read moreDetailsदेश को एक-एक कर निजी हाथों में बेच देने वाले भाजपा-आरएसएस लोकतंत्र की पहली कसौटी चुनावी-व्यवस्था को ही संदिग्ध बना...
Read moreDetailsभाजपा ने 2014 के अपने चुनावी घोषणा-पत्र में यह वादा किया था कि वह देश के लिए शिक्षा नीति का...
Read moreDetailsभोपाल में प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतार कर भाजपा ने अपनी भावी नीति में दो कौमों के बीच घृणा की...
Read moreDetailsमोदी सरकार के पिछले पांच वर्षों के दौरान कृषि-अर्थव्यवस्था अभूतपूर्व संकट के दौर में जा फंसी है. नतीजतन पूरे देश...
Read moreDetailsकौन सोच सकता था कि किसी दिन, एक जवान और थोड़े से किसान प्रधानमन्त्री को लोकसभा चुनाव में चुनौती देंगे...
Read moreDetailsकिसी समय भारत के आंंकड़ों पर पूरी दुनिया में भरोसा किया जाता था और आंंकड़े इकट्ठा करने वाले संस्थानों को...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता भारत एक राष्ट्र नहीं था. भारत एक राष्ट्र अंग्रेजों के जाने के बाद भारत के संविधान के...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता अगर आप सोचते हैं कि सभी इंसानों की बराबरी और समाजवाद का विचार मार्क्सवादी वामपंथियों का...
Read moreDetailsरविश कुमार इंडियन एक्सप्रेस में शुभाजीत रॉय की एक ख़बर है. आप पाठकों को यह ख़बर पढ़नी चाहिए. इससे एक...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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