पाठ्यक्रम में लुगदी साहित्य : समाज के स्थापित प्रतिमानों और मानकों को ध्वस्त करने का अविवेकी ‘पुनर्लेखन’ 'कहना न होगा...
Read moreDetailsसनद रहे, यह खून राजा के हाथ पर नहीं है मनीष सिंह ओ लोगों, क्या मैं इसे मार दूं ?...
Read moreDetailsएक अनाम मुल्क एक नया नागरिकता कानून पारित करने के बाद अपने ही नागरिकों के बीच से दसियों लाख 'शरणार्थी'...
Read moreDetailsराहुल गांधी को अपील क्यों करनी चाहिए ? मनीष सिंह राहुल गांधी को अपील क्यों करनी चाहिए ? क्या निचली...
Read moreDetailsसंस्कृतियों का फर्क : सरहुल की शोभायात्रा में 'पथराव' क्यों नहीं होता कभी ? विनोद कुमार रांची की सड़कों पर...
Read moreDetailsधर्म और भगवान की उत्पत्ति मनमीत दुनिया में भगवान की उत्पत्ति ये ही लगभग तीन हजार साल पहले की होगी....
Read moreDetailsसुब्रतो चटर्जी गोबरपट्टी की राजधानी यूपी के बच्चे अब सिर्फ़ चापरासी की नौकरी योग्य. इतिहास से 22वीं से 19वीं सदी...
Read moreDetailsसंघ और बुद्धिजीवी जगदीश्वर चतुर्वेदी भारत में एक ओर बुद्धिजीवियों की बाढ़ आई हुई है तो दूसरी ओर मूर्खों की...
Read moreDetailsभारतीय संविधान के असली लेखक और संविधान रक्षा करने की प्रतिगामी राजनीति 1947 में जब अंग्रेजी शासकों साम्राज्वादियों ने भारत...
Read moreDetailsफरीदी अल हसन तनवीर वो छोटी-सी, प्यारी-सी मासूम लड़की थी. हमारे पड़ोस में रहती थी. मैं हर नवरात्र और रक्षा...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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