'यूरोप को एक भूत आतंकित कर रहा है-कम्युनिज्म का भूत. इस भूत को भगाने के लिए पोप और ज़ार, मेटर्निख़...
Read moreDetailsमुक्तिबोध की बेमिसाल पारदर्शी प्रेमकथा जगदीश्वर चतुर्वेदी हिंदी का लेखक अभी भी निजी प्रेम के बारे में बताने से भागता...
Read moreDetailsबिकता है बेंगलौर, बोलो खरीदोगे ...?? 3 लाख, 3 लाख, 3 लाख. बिकता है बेंगलौर, बोलो खरीदोगे ...??शहरे बैंगलौर पर...
Read moreDetailsअशफ़ाक़ अहमद 'पठान' की कामयाबी पर कुछ लिखना था, तब नहीं लिखा— क्योंकि अब लिखने का यह सही मौका है....
Read moreDetailsअशफाक अहमद अच्छा पहले मुझे नफरतियों को छोड़ बाकी सबसे प्रेम भी महसूस होता था, दीन-हीन पर दया भी आती...
Read moreDetails'मैं उस सोसाइटी की चोली क्या उतारूंगा जो पहले से ही नंगी है. उसे कपड़े पहनाना मेरा काम नहीं है....
Read moreDetailsअशफाक अहमद जब मुंबई में रहता था तो कुछ वहीं के दोस्त थे, जिनमें दो सांताक्रूज़ में रहते थे. उन...
Read moreDetails'तुम्हारा भगवान हर किसी के साथ रासलीला करता फिरता है, एक भगवान है जिसकी बीवी को राक्षस उठा ले जाता...
Read moreDetailsनामवर सिंह : अमेरिकी उपयोगितावाद उनकी विश्वदृष्टि की धुरी है जगदीश्वर चतुर्वेदी चार साल पहले राजकमल प्रकाशन के द्वारा नामवर...
Read moreDetailsब्राह्मणवाद का मूलमंत्र है - 'दु:खी होना और दु:खी करना.' अर्थात दूसरों के सुखों से दुखी होना और अपने सुख...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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