Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home कविताएं

इंतजार में सूर्य

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 27, 2020
in कविताएं
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

जब देश और दुनिया की समूची प्रबुद्ध मनीषा
गुजर रही हो मेनोपाॅज के दौर से
जब बोझ व बंध्या हो गई हो उनकी कोख
जब सृजन, ठहराव और असृजन का ही पर्याय बन गया हो
जब रहनुमाओं की रहनुमाई
दम तोड़ रही हो
घने अंधकार वाली बंद गलियों में
तब और तब मेरे दोस्त
केवल तभी जरूरत है कि
झोंका जाए खुद को
अन्वेषण, अनुसंधान, आत्मालोचन में
खंगाला जाए अतीत वो
ताकि कुलांचे भरते हुए
दिशाहीन वर्तमान को
एक विश्वाकांक्षी जनाकांक्षी भविष्य की राह पर
धकेलने की कोशिशों
को मिले
नये प्रतिमान, नये संबेग और नई दिशा
ऐसे में यह अहसास जरू री है कि
विराम लेना नहीं जानता
महाकाल का रथ
बेतहाशा भागता, दौड़ता, बढ़ता जाता
अपने अनन्त यात्रा पथ पर
कंदरा युग से सभ्यता के युग तक
और अब इससे भी आगे
राह बनाते घनघोर अंधकार में भी
उनलोगों ने पहले काटी मेरी जांघें
मांस के लोथड़े के अलावा कुछ भी नहीं
काटी हाथ और पांवों की नसें
फूट पड़ी हल्की सी महज खून की चंद बूंदें
खीझकर निकाल ली आंखों की पुतली, पाकस्थली,
उलट-पुलटकर देखी यकृत, पित्त थैली
नोंचकर निकाली योनी
ना, कहीं कुछ भी नहीं !
कुछ भी नहीं दिमाग में, रीढ़ में, पीठ में, पेट में
दो अदद आंतें पड़ी रही उदास, दोनों ओर
उसे भी खोलकर देखा गया
सब खाली बेकार !
लेकिन दिल पर हाथ पड़ते हीं
हां, पड़ते ही हाथ दिल पर
उनलोगों को साफ-साफ समझ में आ गया
वाकई इसमें कुछ है !
राक्षसी दांतों और नाखूनों से चीरकर देखा,
अन्दर बसा था – एक देश बंगलादेश !

  • तसलीमा नसरीन
    (‘मुझे घर ले चलो आत्मकथा-5’ से बी. पी. सिंह द्वारा अनुदित)

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

You might also like

SEDITIOUS RIVER

कौन है श्रेष्ठ ?

स्वप्न

Tags: तसलीमा
Previous Post

तीन किसान कानून : अंडु और नंदू की वर्तालाप

Next Post

नई सभ्यता का नया उजाला

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

कविताएं

SEDITIOUS RIVER

by ROHIT SHARMA
September 7, 2025
कविताएं

कौन है श्रेष्ठ ?

by ROHIT SHARMA
July 31, 2025
कविताएं

स्वप्न

by ROHIT SHARMA
June 26, 2025
कविताएं

ढक्कन

by ROHIT SHARMA
June 14, 2025
कविताएं

मैं तुम सबको देख रहा हूं –

by ROHIT SHARMA
June 4, 2025
Next Post

नई सभ्यता का नया उजाला

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

गांधी का डैथ वारंट…!

February 2, 2024

यह जोगी नहीं यह सत्ता के नशे में मदहोश हत्यारों की सरकार है

September 14, 2017

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.