Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

कुमार विश्वास को राज्यसभा न भेजने के फैसले से बेचैन भाजपा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 4, 2018
in ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter


आज जब आम आदमी पार्टी की ओर से मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉम्फ्रेंस आयोजित कर राज्य सभा के अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की, और कुमार विश्वास को राज्यसभा न भेजने का फैसला सुनाया तब कुमार विश्वास से ज्यादा बेचैनी भाजपा खेमे में देखने को मिली. भाजपा ने अगले ही पल घोषणा कर दिया कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा की सीटें बेच दी.
आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की सीटें बेचने की घोषणा उस पार्टी ने किया जो अपने नगर निगम तक की सीटें बिना पैसों के किसी उम्मीदवार को नहीं देती.

आम आदमी पार्टी की प्रेस काम्फ्रेंस में मनीष सिसोदिया ने बतलाया कि किस तरह आम आदमी पार्टी ने अपने ऊंचे मापदंड का पालन करने के लिए देश के विख्यात 18 लोगों को राज्यसभा भेजने के लिए प्रस्तावित किया था, जिनका अपने-अपने क्षेत्रों में उच्च नैतिकता का प्रतिफलन है. परन्तु उन लोगों ने केन्द्र की भाजपा सरकार की कुत्सित मानसिकता के कारण सप्रेम इन उच्च सदन के पदों पर जाने से मना कर दिया.

You might also like

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

इससे एक चीज तो बेहद साफ हो जाती है कि भाजपा की केन्द्र सरकार देश के प्रत्येक ईमानदार नागरिकों को किस तरह परेशान करती है, और उनके खिलाफ मुकदमें करने के लिए उनके सात पुश्तों तक की जानकारी खंगालती है.

यह किसी से छिपा हुआ नहीं है कि आम आदमी पार्टी के विधायकों को बीते दिनों किस तरह भाजपा की केन्द्र सरकार के ईशारे पर आये दिन उठाकर जेल में डाला जा रहा था. यहां तक कि सुरेन्द्र कमांडों जो ताज होटल में हुए आतंकवादी हमलों से जुझते हुए अपने सुनने की क्षमता को गवां दिये और पेंशन के लिए दर-दर की ठोकरें खाये. जब वे आम आदमी पार्टी के टिकट से विधायक बने तब उनके मैट्रिक के सर्टिफिकेट को ही फर्जी बता दिया गया और उन्हें परेशान किया गया. उन्हें जेल भी अन्य मामलों में भेजा गया.

ऐसे विकट परिस्थिति में देश के ईमानदार विशेषज्ञ यदि राज्यसभा की उच्च सदन में जाने से सविनय इंकार कर दें तो कोई आश्चर्य नहीं. हम सभी विभिन्न सूत्रों के माध्यम से जानते हैं कि आम आदमी पार्टी ने रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन, अरूण शौरी, यशवंत सिन्हा, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर तक को राज्य सभा में भेजने का प्रस्ताव रखा, परन्तु वे सभी अपने-अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ भाजपा के आकस्मिक हमलों और बेवजह की परेशानी से बचने के लिए उक्त प्रस्ताव को मना कर दिये.

ऐसे में जब आम आदमी पार्टी ने अपने तीन राज्य सभा उम्मीदवारों का चयनित नाम का घोषणा किया तो भाजपा व उसके पिट्ठु धारासायी हो गये क्योंकि कुमार विश्वास के रूप में उनका एक दाव खाली चला गया.

कुमार विश्वास के राज्यसभा की सदस्यता न होने से भाजपा में उपजी बचैनी एक बार फिर अरविन्द केजरीवाल के दूरदर्शी और आम जनता के हितों की हिफाजत करने वाले सच्चे नेतृत्व के तौर पर स्थापित कर दिया.

उम्मीद है कि अरविन्द केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी 2019 की आगामी लोकसभा के चुनाव में अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज करेगी और इस संघर्ष में कुमार विश्वास आम जनता के सच्चे सिपाही की तरह आम आदमी पार्टी के नेतृत्व में लड़ेंगे.

Read Also –
विश्वास का आम आदमी के साथ विश्वासघात करने की तैयारी

Previous Post

यातायात नियमों के नाम पर सरकार का तुगलकी फरमान

Next Post

पतनशील कारपोरेटवादी शिक्षा की दर्दनाक हकीकत

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
ब्लॉग

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

by ROHIT SHARMA
November 6, 2025
Next Post

पतनशील कारपोरेटवादी शिक्षा की दर्दनाक हकीकत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

क्षुद्र और अवसरवादी सरकारें सांप्रदायिकता और जातीय वैमनस्य द्वारा सड़ांध भारत बना रही है

June 7, 2022

सीपीआई माओवादी के शीर्ष नेता ‘माड़वी हिडमा’ फर्जी मुठभेड़ में शहीद और सीपीआई माओवादी के महासचिव देवजी समेत 31 अन्य पुलिस गिरफ्त में

November 18, 2025

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.