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Home लघुकथा

वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच : ममी की पुकार

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 17, 2021
in लघुकथा
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वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच : ममी की पुकार

वामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच – गोरखपुर के नजदीक एएसआई की खुदाई चल रही थी. वहां एक ममी पाई गई, जो बिल्कुल मिस्री परम्परा के मुताबिक बनाई हुई थी. भारत के इतिहास में ममी का मिलना अपने आपमे एक नई घटना थी, जिससे इतिहास के नए सफहो पर प्रकाश पड़ता.

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चार फुट की उस ममी के साथ उसके दैनिक उपयोग के सामान थे. ममी को संग्रहालय में रखने की तैयारी हो रही थी. इसके पहले तमाम परीक्षण हो रहे थे, तभी नोटिस किया गया कि ममी के आसपास सूक्ष्म आवृत्ति की ध्वनियां प्रसारित हो रही हैं.

शुरू में इन ध्वनियों को किसी आस-पास के इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट का कम्पन समझा गया, पर शीघ्र ही वैज्ञानिकों की एक टीम इस मामले में दिलचस्पी लेने लगी. ध्वनियों को रिकार्ड किया गया और सैम्पल को एएसआई के अधिकारियों और पुरातत्वविदों ने संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन के वैज्ञानिकों से साझा किया गया. सभी देशों ने विलक्षण ममी के परीक्षण के लिए अपने शीर्ष वैज्ञानिक भारत भेजे.

ये ध्वनियां बहुत सूक्ष्म आवृत्ति की थी, जिनकी आवृत्ति 30 हर्ट्ज से कम थी. इन्हें केवल उच्च गुणवत्ता वाले ध्वनि उपकरणों द्वारा सुना जा सकता था, मानवीय श्रवण क्षमता द्वारा नहीं.

वैज्ञानिकों ने हाइपरसोनिक साउंड एम्पलीफायर उपकरणों को ममी के बेहद करीब रखा है. करीब 30 देशों के वैज्ञानिक 5 महीने, 24 दिन और 22 घंटे तक रात-दिन देखे बिना ममी से आने वाली आवाज़ों को रिकॉर्ड करते रहे.

ध्वनि सीक्वेंस को रिकॉर्ड कर डिकोड किया गया तो पता चला कि इन आवाज़ों में हज़ारों साल पुरानी भाषा में पूरी मानव जाति के लिए एक संदेश है. जब इस आवाज का अनुवाद किया गया तो ममी का संदेश सुनकर सुनकर दुनिया दंग रह गई.

कोई भी न्यूज चैनल इस खबर को दिखाने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि इस खबर से कई लोगों का हार्ट फेल हो सकता है. ममी, जो किसी भक्त की प्रतीत होती है, कुछ समय से उच्च आवृत्ति की ध्वनि में जोर-जोर से चिल्ला रही है  –

‘अच्छे दिन आने वाले हैं
‘पेट्रोल 30 रुपये लीटर
‘काला धन आएगा
‘तेरी माँ का ^*$^@&#
‘@दरखोद तू देशद्रोही है

इसे व्हाट्सएप ज्ञान न समझना, ये एक ममी की पुकार है.

  • आशुतोष कुमार सिंह

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