Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

मोदी जी, आप चमत्कारी हैं सर !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 9, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
kanak tiwariकनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़

नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों को बिहार में आपने एक साथ स्थापित कर दिया. तक्षशिला बेचारा पाकिस्तान में है, फिर भी कई छात्र वहां आपके कारण एडमिशन लेने पहुंच गए ! आपने गुरु गोरखनाथ, कबीर और नानक को एक साथ आध्यात्मिक विचार विमर्श करने कह दिया. क्या गलत किया ? जैसे विमर्श आप मोहन भागवत और अमित शाह से एक साथ करते हैं, क्या तीनों महापुरुष शरीर नहीं, अपनी आत्माएं लाकर संघ की भाषा में बौद्धिक कर रहे थे ? लोग मेरे अलावा आपको लोग समझते क्यों नहीं ! जब आपके भक्तों को तकलीफ नहीं होती, तो समझदार लोगों को आपके नाम से क्यों बुखार चढ़ता है ?

आपको नेहरू के नाम से बुखार क्यों चढ़ता है ? हिचकी भी अक्सर आती होगी ? नेहरू ने श्यामाप्रसाद मुखर्जी को संविधान सभा में शामिल कर षड़यंत्र किया था, यह आप कह नहीं पाते हैं. बाबा साहब अम्बेडकर की मदद के बिना संविधान नहीं बन सकता था-ऐसा नेहरू ने कहा. आपके दलित नेता बनने के इरादे में भांजी मार दी ! अपनी ‘आत्मकथा’ नेहरू ने जानबूझकर पत्नी ‘कमला’ को समर्पित कर दी. आपको वहां भी फंसा दिया. पत्नी की छोड़छुट्टी करने के कारण आप इसीलिए अपनी मां को पत्र लिखवाते रहे.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

नेहरू ने देश की नगदी खर्च कर बडे़-बड़े सार्वजनिक संस्थान बना दिए. उन्हें बाजार दर पर बेचना मुश्किल होने से अदानी, अम्बानी, वेदांता, टाटा, एस्सार को पटा-पटाकर उन्हें औने-पौने में आप बेच रहे हैं. माले मुफ्त दिले बेरहम खरीदार दोस्तों के साथ सहभोज, गलबहियां भी करनी पड़ रही हैं. नेहरू काजू के आटे की रोटी, मशरूम की सब्जी वगैरह क्यों नहीं खाते थे ? वह आपको मजबूरी में खानी पड़ रही है.

नेहरू में इतनी समझ नहीं थी कि अंग्रेजों बल्कि मुगलों की बनाई पुरानी इमारतें गिराकर सेन्ट्रल विस्टा दिल्ली में बनवा लेते. निर्माण सामग्री का बाजार भाव अब सेन्ट्रल विस्टा बनवाने के लिए कितना महंगा हो गया है ? नेहरू ने जानबूझकर कर एलोपैथी सिस्टम वाला एम्स अस्पताल बना दिया. ऋषि पतंजलि शोषण बाबा कोविड-19 का इलाज करने वाले डाॅक्टरों को भी गरियाया रहा. वही सलवारी बाबा आपको राष्ट्रऋषि कहता है. ट्रम्प ने आपको राष्ट्रपिता कहा.

आप ही सबको उकसाते हैं, फिर भी मौन रहते हैं. एम्स दिल्ली को रामदेव व्यापारी को औने पौने लीज़ पर दे दीजिए. लाल किला डालमियां को तो दे ही दिया न आपने ? उनसे कहिए डालमिया नाम से मियां शब्द हटा लें, आपको नाम बदलने में महारत हासिल है न ! कह दीजिए तू डाल डाल मैं पात पात.

आप एलोपैथी का नाम बदलकर कर दीजिए मृत्युवेद. आयुर्वेद बनाम मृत्युवेद. एलोपैथी डाॅक्टरों को संस्कृत नहीं आती. अनुलोम विलोम नहीं आता. दाढ़ी नहीं बढ़ाते. लंगोट नहीं पहनते. सलवार भी नहीं पहनते. देह पर गोबर नहीं लीपते. गो मूत्र नहीं पीते. अध्यादेश ले आइए – सरकारी धन केवल आयुर्वेद से इलाज कराने पर मिलेगा.

आपकी क्या आजकल अम्बानी के व्यापार पर आंख टेढ़ी है ? अदानी को आगे बढ़ा दिया गया है. अपनों को भी धोखा हो रहा है न ? आपको भी अटल बिहारी से हो गया था न ? मुझे तो आपके लिए अमित शाह, योगी, गडकरी, भागवत सबसे डर लगता है. मैं आपका अंधभक्त होना चाहता था लेकिन डाॅक्टर ने दोनों आंखों का मोतियाबिन्द ही निकाल दिया. कहता तुमको मोदियाबिन्द हो रहा था.

तब तक मुझे दुनिया दुरंगी दिखाई देती थी, अब तिरंगी क्यों दिखाई देती है ? गांधी, नेहरू, इन्दिरा, वहां से क्यों झांकने लगते हैं ? गांधी, मदन मोहन मालवीय, सरदार पटेल, सुभाष बोस, लालबहादुर शास्त्री और न जाने कितने नेताओं पर क्या कांग्रेस की मोनोपली है ? आपने ठीक किया कि इन सबकी तस्वीरें भाजपा के कार्यालयों में टांग दी हैं.

इतना करिए ये सभी फोटो दीवारों पर टंगी ही रहें. इन्हें पाठ्यक्रम से हटाइए. देश के बच्चे इन्हें पढ़कर बिगड़ जाएंगे. आठवीं क्लास तक हर बच्चे को पढ़ाना संविधान के कारण सरकारी मजबूरी है. उसके बाद क्यों पढ़ाना, जब संविधान ही नहीं कहता ! हर महापुरुष का अपनी छबि चमकाने में इस्तेमाल करिए. लोग आपसे सीखें. आप सिखाते हैं क्रांति होनी चाहिए, लेकिन पड़ोसी के घर से हो. आपके पूर्वज तो महान भगतसिंह को नहीं सिखा पाए ?

क्रांतिकारियों ने अंगरेजों को मारा लेकिन आपके सियासी पूर्वज अंग्रेजों के तलुए सहलाते रहे. लाल बहादुर शास्त्री में लाल, बहादुर और शास्त्री तीनों अच्छे शब्द हैं लेकिन मुगलसराय नाम के मुस्लिम शहर में क्यों पैदा हुए ? मुगलसराय में ही दीनदयाल उपाध्याय संदेहजनक ढंग से मरे इसलिए आपने मुगलसराय का नाम दीनदयाल रखकर शास्त्री जी को भी निपटा दिया !

दुनिया की सबसे ऊंची सरदार पटेल की मूर्ति आपने चीन से बनवा दी. वहां के राष्ट्रपति के साथ झूला झूलते रहे. वह अरुणाचल में झूला झुलाने आपकी राह देख रहा है, आप इसीलिए सबसे ज्यादा नौ बार चीन गए. गुजरात से ही मेहुल चौकसी, नीरव मोदी जैसे सैकड़ों बैंक लुटेरे क्या आपसे ही पनाह पा रहे हैं ? बैंकों, सरकारों, पुलिस अफसरों की निगाह उन पर क्यों नहीं पड़ती ? किसी मुस्लिम बैंक डकैत को क्यों नहीं पकड़ पाते ?

सरदार पटेल जब मरे, आप बमुश्किल चार माह के थे, फिर भी आपने कह दिया नेहरू उनकी अंतिम यात्रा में नहीं गए थे. आपको संघ के बौद्धिकों ने बताया होगा न ! संविधान बनने के बाद साल भर भी सरदार नहीं जी सके. आपको आईटी सेल ने गलत पट्टी पढ़ा दी इसलिए आपने कह दिया कि सरदार को नेहरू की जगह प्रधानमंत्री बनना था.

सरदार 75 साल में दुनिया छोड़ गए. नेहरू भी उसी उम्र गए. गांधी चार पांच साल ज्यादा खींच लिए इसीलिए आपके आराध्य हो चुके गोडसे ने उन्हें टपका दिया. तब से आपने तय किया होगा कि पचहत्तर पार नेता को मंत्री पद से टपकाना है. आडवाणी, मुरली मनोहर वगैरह की लाॅटरी आपने नहीं खुलने दी.

पाकिस्तान को सरदार के जरिए ही पचपन करोड़ गांधी ने दिलवाए. सरदार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध हटाए तो हक तो सरदार की मूर्ति लगने का ही बनता है न ? लेकिन आपने सरदार का नाम मिटाकर अहमदाबाद स्टेडियम अपने नाम कर लिया ! वैसे भी सरदार क्रिकेट कहां खेलते थे ! आप जैसी सियासती गुगली फेंकने के विश्व चैम्पियन कहां थे सरदार !

Read Also –

नया भारत और नई चुनौतियां : मोदी को हर पल नंगा करो, जनता को जगाओ
हर-हर मोदी और देश में सन्नाटा !
मोदी सरकार इतिहास रचती है – तबाही का, बर्बादी का
इस रहस्य से पर्दा उठना चाहिए कि मोदी जी ने क्या-क्या किया है ?
संसद में मक्कार मोदी का मक्कारी भरा भाषण
मोदी, संघ और पटेल
अजय मोदी संवाद

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

मछुआरे

Next Post

आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के शोषण और लूट के लिए कुख्यात IGIMS

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के शोषण और लूट के लिए कुख्यात IGIMS

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

रजनी पाम दत्त और फासीवाद

July 31, 2024

गुंडे और अपराधियों के भीतर इस खौफ का होना अच्छा है

January 11, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.