अब बंद भी करो बजाना झुनझुना
अब बंद भी करो, बजाना झुनझुना, अपने वादों, अपनी बातों का, कब तक समझाऊं मन को, कबतक बहलाऊं दिल को,...
Read moreDetailsअब बंद भी करो, बजाना झुनझुना, अपने वादों, अपनी बातों का, कब तक समझाऊं मन को, कबतक बहलाऊं दिल को,...
Read moreDetailsवे डरते हैं, किस चीज़ से डरते हैं वे, तमाम धन-दौलत गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद ? वे डरते हैं, कि...
Read moreDetailsमैं पतिदेव से - 'पता चला, मेरी मित्र रूचि का मित्र अपने कुछ मित्रों के साथ एक शादी से लौट...
Read moreDetailsपडोस के घर में जोर शोर से आवाज़ आयी. दौड़ कर देखने गया. पडोसी की बुढ़ी मां हाथ में डंडा...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार मोदी सरकार जो अग्निवीर नाम से नई योजना लाई है, लंबे समय में उसके घातक परिणाम होंगे. इस...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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