जो ना पूछे आपको, पूछो ना उसके बाप को
खाद के लिए भीखमंगों की तरह लाइन मे लगा दिया किसानों को ये इनकी कुन्ठा है इससे ये खुश होते...
Read moreDetailsखाद के लिए भीखमंगों की तरह लाइन मे लगा दिया किसानों को ये इनकी कुन्ठा है इससे ये खुश होते...
Read moreDetailsAn artist’s rendition of Mahatma Gandhi’s sedition trial on 18 March 1922. कृष्ण कांत मार्च, 1922 में महात्मा गांधी पर...
Read moreDetailsमूर्तियों को पूजने के बजाय मानवता को पूजता हूं मैं ! काल्पनिक देवताओं को न मानकर, शफुले साहू अम्बेडकर को...
Read moreDetailsकुछ लोग मुझे इसलिए छोड़े कि मैं उनके जैसा उनके जितना उतना अच्छा नहीं था वे लोग मुझे ज्यादा छोड़े...
Read moreDetailsरविश कुमार जनता कहां प्रदर्शन करेगी, क्या उस शहर में प्रदर्शन नहीं होगा जहां कोई मैदान या बड़ा पार्क नहीं...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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