भेड़िया बस भेड़िया होता है
भेड़िये इस जंगल के हों या उस जंगल के भेड़िया बस भेड़िया होता है जंगल के बदलने से भेड़िये नहीं...
Read moreDetailsभेड़िये इस जंगल के हों या उस जंगल के भेड़िया बस भेड़िया होता है जंगल के बदलने से भेड़िये नहीं...
Read moreDetailsरविश कुमार, अन्तर्राष्ट्रीय पत्रकार भारत की यह सच्चाई है कि यहां जातिवाद है. हर दिन घरों में आदरणीय माता-पिता जाति...
Read moreDetailsकनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ 2011 की जनगणना के मुताबिक आदिवासियों (अनुसूचित जनजातियों) की जनसंख्या 10,42,81, 034 है....
Read moreDetailsभाजपा और उससे जुड़े सारे तत्व भ्रष्टाचार में डूबे हुए ईमानदार हैं. सबको बचाने के लिए अजीब बहाने हैं, मसलन,...
Read moreDetailsरिजवान रहमान राम मंदिर ज़मीन में घोटाला हो गया तो हम क्या करें ? या इस देश का कोई भी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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