Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

क्षुद्र और अवसरवादी सरकारें सांप्रदायिकता और जातीय वैमनस्य द्वारा सड़ांध भारत बना रही है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 7, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
राम अयोध्या सिंह

यह भी अजीब तमाशा है साहब. साहब देश बेचकर राष्ट्र का नवनिर्माण और विकास कर रहे हैं, गदहे रेंककर भारत का इतिहास लिख रहे हैं. कुत्ते भौंक कर विकसित देशों को डरा रहे हैं. क्षुद्र और अवसरवादी नेता और सरकारें सांप्रदायिकता और जातीय वैमनस्य द्वारा सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भावना बहाल कर रहे हैं.

नवजवान अपनी जिंदगी की कीमत पर धर्म और राष्ट्र की रक्षा में प्राणपण से जुटे हुए हैं. महिलाएं भ्रष्ट, पतित, व्याभिचारी और बलात्कारियों को संत और महात्मा सिद्ध करने में लगी हुई हैं. देश की जनता भगवान भरोसे मृत्युलोक के बाद स्वर्गलोक के लिए अग्रिम बुकिंग करा रहे हैं. आमजन भीखमंगी और गुलामी को भगवतभक्ति समझते हैं.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

लोग बाग संविधान और लोकतंत्र की जगह मनुस्मृति और तानाशाही को आदर्श राज्य के लिए अपरिहार्य मान रहे हैं. शिक्षा भारतीयों के लिए अनावश्यक बोझ बन गया है, जिससे पीछा छुड़ाना ही लोग अपना कर्त्तव्य समझ रहे हैं. मूर्खों, अज्ञानियों, गुंडों, दुष्टों, लंपटों, मवालियों और माफियाओं को राष्ट्र का तारणहार मान लिया गया है.

शैक्षणिक संस्थानों और संस्थाओं को कूड़ेदान में डाल दिया गया है. सत्य का सार्वजनिक निषेध किया जा रहा है. साधुओं, बाबाओं, महंतों, पुजारियों , धर्माचार्यों और शंकराचार्यों द्वारा भारत को विश्वगुरु और विश्वशक्ति बनाया जा रहा है. डरी हुई न्यायपालिका मूर्ख और क्षुद्र नेताओं की पालकी ढो रहे हैं. मानवीय मूल्यों, आदर्शों, सिद्धांतों और संवेदनाओं तथा नैतिकता, त्याग, परोपकार और सदाशयता को दफना दिया गया है.

आधुनिकता, प्रगतिशीलता, धर्मनिरपेक्षता, मानवाधिकार, समाजवाद, समानता, भाईचारा, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की जगह सार्वजनिक संपत्ति की लूट और बिक्री, बहुसंख्यक मेहनतकश अवाम के साथ ही मजदूरों और किसानों की गुलामी, सरकार की जनविरोधी नीतियों, निर्णयों और कार्ययोजनाओं का विरोध करने वालों को राष्ट्रद्रोही और अर्बन नक्सल घोषित कर उन्हें रास्ते से हटाना ही आज की राजनीतिक संस्कृति बन गई है.

सरकारी आदेशों का आंख मूंदकर पालन करना ही राष्ट्रभक्ति है. अपने अवतारी प्रधानमंत्री की हर बात को सच मानते हुए उनका अक्षरशः पालन करना ही आज का सबसे परम राष्ट्रीय कर्त्तव्य है. इस अवतारी परमब्रह्म, पुरुषोत्तम, परमेश्वर, सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी महान आत्मा की हमेशा जय-जयकार करना ही हम भारतवासियों की एकमात्र नियति है. जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिए का पालन करते रहिए और प्रभु का गुण गाते रहिए.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

सांपों की सभा : ‘हमें लोकतंत्र को लोकतांत्रिक ढंग से खत्म करना है’

Next Post

भारत सरकार को मौजूदा विवाद पर माफी मांगते हुए श्वेत पत्र जारी करना चाहिए

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

भारत सरकार को मौजूदा विवाद पर माफी मांगते हुए श्वेत पत्र जारी करना चाहिए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

2024 तक पूरा देश एक सर्विलांस स्टेट में बदल जाएगा

March 19, 2021

शब्द

June 28, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.