Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home कविताएं

ऐनी फ़्रैंक को उसके जन्मदिन पर याद करते हुए

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 13, 2023
in कविताएं
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
ऐनी फ़्रैंक को उसके जन्मदिन पर याद करते हुए
ऐनी फ़्रैंक को उसके जन्मदिन पर याद करते हुए

ऐनी फ़्रैंक !
एक तेरह वर्ष की लड़की !
यहूदी !
हिटलर के काल में यहूदी होना सबसे बड़ा अपराध !
जून 1929 में जन्म और 1945 में दर्दनाक मौत !
दो साल गुप्त रूप से बंद घर में रहते हुए उसने लिखा
फासीवाद की बर्बरता का जीवंत दस्तावेज !
न्यूरेमबर्ग की अदालत में पेश सभी सबूतों से भारी दस्तावेज !
एक छोटी सी बच्ची का सच दुनिया भर में फैल गया
यातना शिविरों में मार दिये गये सारे मासूम लोग
फिर से ज़िंदा हो गये !
सुनाने लगे मानव इतिहास की सबसे क्रूर कहानी !

12 जून 1929 !
ऐनी फ़्रैंक का जन्मदिन !
इसी दिन उपहार के रूप में मिली थी उसे वो डायरी
जग-प्रसिद्ध एक युवा लड़की की डायरी !
ये डायरी ही अंधेरे, अकेले, दमघोंटू समय की
उसकी सबसे बड़ी दोस्त बन गयी ।
एक तेरह वर्ष की लड़की ने सुन रखा था कि
‘काग़ज़ में लोगों की तुलना में अधिक धैर्य होता है.’
उसने अपनी इस डायरी !
नहीं अपने प्यारे दोस्त को
दिया प्यारा सा नाम- किट्टी !

You might also like

SEDITIOUS RIVER

कौन है श्रेष्ठ ?

स्वप्न

ये किट्टी आपके सामने ऐनी की पूरी दुनिया खोल देती है !
बंद घर की बंद !
अदृश्य खुली खिड़की !
जैसे एक क़ैदी की खुली दुनिया !
उसका गणित का मास्टर उससे नाराज़ रहता है कि
वो बहुत बोलती है,
गप्पी है !
बतौर सजा उसे अतिरिक्त काम के तौर पर
गप्पी विषय पर निबंध लिखने को देता है !
ऐनी लिखती है-ये गप्पीपन उसे विरासत में मिला है और
इसपर आपका कोई ज़ोर नहीं चल सकता !
गणित का खूसट मास्टर भी हंसे बिना नहीं रह सका !

वो लड़की जिसे चहकते हुए पक्षी, चांदनी
दौड़ते हुए बादल और फूलों से प्यार है
उसके पास अब देखने को सिर्फ़ खिड़कियों पर टंगे धूल भरे पर्दे
घर में भागते काले चूहे थे !
डेढ़ साल में पहली बार उसे खुली हुई खिड़की से
रात को देखने का मौक़ा मिला था
वो तबतक चांद-तारों से बातें करती रही
जबतक खिड़की फिर से बंद नहीं हो गयी ।

वो लड़की अब पुस्तकों से बातें करती है
‘मौत के ख़िलाफ़ पुरुष‘
पुस्तक पढ़ते हुए उसे पता चलता है कि
एक औरत बच्चे को जन्म देते हुए
किसी भी युद्ध के नायक की तुलना में
ज़्यादा पीड़ा सहती है ।
वो सोचकर परेशान होती है कि
इसके बदले में उसे क्या मिलता है ?
ये हमारा समाज !
ये पुरुष क्यों नहीं स्वीकारते कि
ये दुनिया इतनी सुंदर महिलाओं की महान हिस्सेदारी से है !

असहनीय गर्मी से तपता घर
बंद खिड़कियां, कपड़े भी नहीं धोये जा सकते !
गोलियों की गड़गड़ाहट !
वो सीढ़ियों की ओर दौड़ती है,
ठोकर खाकर गिरती है
चोटों को सहलाती है,
और गोलियों के डर को
इस् तरह भूल जाती है !
उसने अनुभव से सीख लिया है कि
डर को भगाने का यह अच्छा तरीक़ा है

वो खबरों से ये जानती है कि
इस भयावह समय से बचाने दोस्त आने वाले हैं !
जल्दी ही वो वापस अपने स्कूल जा सकेगी
इसी बीच एक और जन्मदिन आकर चला जाता है !
पंद्रह साल की लड़की !
खुद से सवाल करती है कि क्या मैं सच में ऐसी हूं जैसा
और लोग समझते हैं…
काश कोई एक तो होता जो मुझे समझ पाता !

एम्स्टर्डम में दूर से उसके उस घर को देखा था !
लिबरेशन म्यूज़ियम में उसकी कहानी सुनते हुए कांपने लगी थी
पोलैंड में यातना शिविर को देखकर तो
ज़िंदा आदमी ही खुद को मुर्दा समझने लगता है
जैसे गैस चैम्बर की लाईन में खड़ा है !
ऐनी भी यहां पहुंच गयी !
दोस्त से पहले दुश्मन उसके गुप्त ठिकाने पर पहुंच गया !

काश तुम्हारे पंद्रह सालों को पंद्रह दिन और मिल गये होते ऐनी !
तुम चांद, तारों को निहार रही होती !

ऐनी !
अब तुम ख़ुद एक चांद हो !
हम तुम्हें निहार रहें हैं !

  • सरला माहेश्वरी
    ऐनी फ़्रैंक ! एक मासूम यहूदी बच्ची ! उसकी डायरी पढ़ते हुए रूह कांप जाती है. हिटलर के वे यातना शिविर जिनमें कदम रखने से पहले खुद को तैयार करना पड़ता है, जहां खुद के मनुष्य होने पर शर्म आती है. निर्दयता, निर्ममता, क्रूरता, बर्बरता कोई शब्द, कोई भाषा जिसका बयान नहीं कर सकती. मौन और सिर्फ मौन ! शायद उन सिसकियों को सुन सके.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

106 वर्ष पुराने पटना संग्रहालय को निजी हाथों में सौंपने के खिलाफ राष्ट्रीय प्रतिवाद संगठित करो !

Next Post

अर्नेस्टो चे ग्वेरा : क्रांति और प्रेम का अमर नायक

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

कविताएं

SEDITIOUS RIVER

by ROHIT SHARMA
September 7, 2025
कविताएं

कौन है श्रेष्ठ ?

by ROHIT SHARMA
July 31, 2025
कविताएं

स्वप्न

by ROHIT SHARMA
June 26, 2025
कविताएं

ढक्कन

by ROHIT SHARMA
June 14, 2025
कविताएं

मैं तुम सबको देख रहा हूं –

by ROHIT SHARMA
June 4, 2025
Next Post

अर्नेस्टो चे ग्वेरा : क्रांति और प्रेम का अमर नायक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

रूदाली

June 12, 2024

विकास के बुलडोजर तले कुचलता देश बनाम संयुक्त किसान मोर्चा की चट्टानी एकता

October 13, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.