Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

अमेरिकी साम्राज्यवाद के आर्थिक प्रतिबंध के विरोध में रुस का वित्तीय ‘परमाणु बम’ से हमला

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 3, 2022
in ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
अमेरिकी साम्राज्यवाद के आर्थिक प्रतिबंध के विरोध में रुस का वित्तीय 'परमाणु बम' से हमला
अमेरिकी साम्राज्यवाद के आर्थिक प्रतिबंध के विरोध में रुस का वित्तीय ‘परमाणु बम’ से हमला

अमेरिकी दलाल पश्चिमी मीडिया का पुछल्ला भारतीय गोदी मीडिया ने अब पुतिन का भयानक चित्रण करना शुरू कर दिया है. कल तक पुतिन को हत्यारा, खुरेंजी, हिटलर घोषित करने वाला पश्चिमी मीडिया ने अब पुतिन को लेकर एक नया रिसर्च प्रस्तुत किया है कि पुतिन हिरण के खून से नहाने से नहाते हैं.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर दावा किया जा रहा है कि वो हिरण के सींग से निकले खून से नियमित तौर पर स्नान करते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्लादिमीर पुतिन कैंसर विशेषज्ञ के साथ दर्जनों यात्राएं की है. जिसमें ये भी दावा किया गया है कि राष्ट्रपति पुतिन हिरणों के सींगों से निकले तरल पदार्थ या अर्क से नहाते हैं. कहा जा रहा है कि पुतिन ऐसा करके अपने स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का प्रयास करते हैं. इससे उनकी शारीरिक ताकत बढ़ती है.

You might also like

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

इससे पहले उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम उन जोंग के लेकर भी पश्चिमी मीडिया ने इसी तरह की अफवाह फैलाई थी. उसके अनुसार तो उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग मनुष्य ही नहीं हैं. उसके दुश्प्रचार के हिसाब से किम आदमखोर है, कि नाश्ते में एक गिलास ठंडा खून पीता है, कि रोज रात इंसानी मांस खाता है, कि हर अमावस्या की रात उसके दांत और नाखून बड़े हो जाते हैं और सिर पर सिंग निकल आता है … आदि जैसे फालतू और वहियात बातें साम्राज्यवादी झूठ का एक आयाम है.

अब चूंकि रुस ने यूक्रेन पर हमला कर बकायदा अमेरिकी साम्राज्यवादी खेमा को खुली चुनौती पेश कर दी है, इससे थर्राया अमेरिकी साम्राज्यवादी खेमा बौखला उठा है. अपनी बौखलाहट के बावजूद अमेरिकी साम्राज्यवादी खेमा पूर्व सोवियत संघ यानी रुस पर हमला करने का दुस्साहस नहीं कर सकता क्योंकि रुसी हथियार अमेरिकी साम्राज्यवाद के किसी भी सामरिक हथियार से ज्यादा घातक और ज्यादा मारक है.

चूंकि अमेरिकी साम्राज्यवाद द्वारा रुस पर सीधे आक्रमण करना एक आत्महत्या होगी इसलिए उसने आर्थिक प्रतिबंध के जरिए रुस को घेरने का तरीका अपनाया. विदित हो कि सोवियत संघ के उद्भव के साथ ही पिछले सौ साल से रुस ने आर्थिक प्रतिबंध को झेला है. इसलिए इस प्रतिबंध से रुस पर ज्यादा प्रभाव तो नहीं पड़ेगा लेकिन पुतिन ने जो पश्चिमी देशों पर वित्तीय हमला किया है, वह एक परमाणु बम फोड़ने से कम नहीं है –

अमेरिकी साम्राज्यवाद के आर्थिक प्रतिबंध के विरोध में रुस ने जो वित्तीय हमला किया है, उसकी बेहतरीन विवेचना सामाजिक राजनीतिक विशेषज्ञ सुब्रतो चटर्जी ने इस प्रकार की है

रूस के केंद्रीय बैंक ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 28 मार्च, 2022 तक रूसी रबल मुद्रा सोने के लिए बंधी है. कीमत 5,000 रूबल्स प्रति ग्राम सोने के बुलियन है. जब गोल्ड बुलियन की बात आती है तो रूस ने दुनिया भर में अमेरिकी डॉलर के मूल्य का लगभग 30% खत्म कर दिया.

बदतर, क्योंकि रूस केवल अपने तेल और गैस को रूबल्स में बेचेगा. अब रुस ने सोना का मूल 5,000 रूबल्स प्रति ग्राम तय किया है. तेल या गैस खरीदने की इच्छा रखने वाले किसी को भी या तो रूबल्स में भुगतान करना होगा या सोने में भुगतान करना होगा, और उन्हें अपने निविदा सोने के लिए अमेरिकी डॉलर मूल्य नहीं मिलेगा भुगतान के रूप में.

दुनिया भर के लोग सचमुच रूबल और डंपिंग डॉलर और यूरो में अपना पैसा फेंक रहे होंगे. रूस ने अभी जो किया वह वित्तीय मामले में एक परमाणु बम फोड़ने के बराबर किया है.

रूस ने रूबल को सोने के मूल्य से जोड़ कर और तेल की आपूर्ति सिर्फ़ रूबल के बदले करने की घोषणा कर डॉलर और यूरो के मूल्य को एक झटके में ३०% गिरा दिया है. इस प्रयोग की शुरुआत सबसे पहले लीबिया के कर्नल गद्दाफ़ी ने की थी, जिसके कारण अमरीका और पश्चिमी देशों ने उसे बर्बाद कर दिया.

रूस के इस कदम का मतलब यह है कि अब पूरी दुनिया, ख़ासकर पश्चिमी यूरोप और जापान भारी मात्रा में डॉलर की बिकवाली कर रूबल ख़रीदेंगे, क्योंकि सोने से लिंक हो जाने के बाद रूबल दुनिया की सबसे स्थायी मुद्रा रातोंरात बन गई है.

अमरीका, जो कि युद्ध सामग्री के सिवा बाक़ी किसी चीज़ का बड़े पैमाने पर अपने देश में उत्पादन नहीं करता, भयानक आर्थिक संकट में फंस गया है. डॉलर के सिकुड़ने की स्थिति में अमरीका अपने 306 बिलियन बजटीय घाटे की भरपाई नहीं कर पाएगा. परिणामस्वरूप भयानक बेरोज़गारी आएगी और सामाजिक सुरक्षा नेट पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा.

पुतिन ने प्रेस को बताया कि उन्होंने ये कदम अमरीका और यूरोप के उस फ़ैसले के बाद लिए हैं जिसके कारण विदेशों में रखे खरबों का रूसी सोने पर पाबंदी लग गई. यही वो आर्थिक एटम बम है जिसकी भनक जो बाइडेन को उस समय थी जब वह पोलैंड में पुतिन को हटाने की बात कर रहे थे.

सोवियत संघ ने पुतिन को केजीबी का प्रमुख यूं ही नहीं बनाया था.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

बिहार के युवाओं, कहीं यह तुम्हारे सत्यानाश का सम्मेलन तो नहीं ?

Next Post

किसी भी सम्मान से बेशकीमती है माओवादी होना

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
ब्लॉग

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

by ROHIT SHARMA
November 6, 2025
Next Post

किसी भी सम्मान से बेशकीमती है माओवादी होना

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मोदी का ‘गुजरात मॉडल’ : दहशत और मौत का खौफनाक मंजर

April 15, 2021

वाल्मीकि

October 29, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.