Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

सेंगोल यानी राजदण्ड : पूरा भाजपाई गिरोह पागल हो गया है ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 26, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
1
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
सेंगोल यानी राजदण्ड : पूरा भाजपाई गिरोह पागल हो गया है ?
सेंगोल यानी राजदण्ड : पूरा भाजपाई गिरोह पागल हो गया है ?

अंग्रेजों के जिस राजदंड से जनता पे जुल्म करते थे इस राजदंड को पंडित नेहरू ने इलाहाबाद संग्रहालय में दफना दिया था, अंग्रेजों के दलाल उसे भारतीय संसद में स्थापित करने जा रहे हैं.

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद में राजदंड क्यों स्थापित किया जाएगा ? अगर राजदंड स्थापित होगा तो राजा कौन होगा ? क्या मध्ययुगीन राजशाही वापस आने वाली है ?

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

गृहमंत्री अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया है कि नई संसद में राजदंड स्थापित किया जाएगा. नई संसद में स्पीकर की कुर्सी के पास रखा जाएगा. अमित शाह ने बताया कि सेंगोल इससे पहले इलाहाबाद के संग्रहालय में रखा था. यह भी बताया कि जब देश आजाद हुआ तो अंग्रेजों ने इसे पंडित नेहरू को सौंपा था.

सत्ता हस्तांरण के समय जिस राजदंड को अंग्रेजों ने नेहरू को सौंपा, वह इलाहाबाद के संग्रहालय में क्यों रखा था ? क्योंकि राजदंड राजा की शक्ति का प्रतीक है. उस समय यह अंग्रेजी राजशाही के प्रतीक के रूप में नेहरू को सौंपा गया, जिसका मतलब हुआ कि अब सत्ता भारत के हाथों में सौंपी जाती है. तब भारत लोकतंत्र नहीं था. उसके बाद भारत लोकतंत्र बना और उस ‘राजदंड’ को नेहरू ने संग्रहालय में रखवा दिया.

यह ‘सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक’ था. उस समय सत्ता एक साम्राज्य से हस्तांरित हुई, जिसे भारत की जनता ने लड़कर छीनी थी. आज कौन-सा सत्ता हस्तांतरण हो रहा है ? जब नेहरू को राजदंड सौंपा गया तो अंग्रेजी साम्राज्य से सत्ता का हस्तांतरण हुआ था, अभी कौन किसे सत्ता सौंप रहा है ? 2023 में भारत को किससे आजादी मिलने जा रही है ?

अंग्रेजों से सत्ता ट्रांसफर हो रही थी तब इस गिरोह के लोग अंग्रेजों के लिए मुखबिरी कर रहे थे. 75 साल बाद आजादी याद आई है. ब्रिटेन में राजशाही थी तो ब्रिटिश सरकार ने भारत को राजदंड सौंपा. 75 साल से यहां लोकतंत्र है. आधुनिक तुगलक को अब मध्ययुगीन राजदंड क्यों स्थापित करना है ? राजा-रानी मर गए, प्रजातंत्र आ गया, तब राजदंड का क्या काम ?

ये पूरा भाजपाई गिरोह पागल हो गया है क्या ? ये भारत को मध्ययुगीन रजवाड़ा बनाना चाहते हैं ? हर सुबह इस लोकतंत्र के ताबूत में एक कील ठोंक दी जाती है. उन्हें यह लोकतंत्र अखरता है. उन्हें लोकतंत्र नहीं चाहिए. क्या आपको भी नहीं चाहिए ?

  • विष्णु पाठक

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

धर्मांतरण : एक देश दो कानून…, ऐसा क्यों…?

Next Post

आज़म खान हेट स्पीच पर शिकायतकर्त्ता का डीएम पर आरोप

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

आज़म खान हेट स्पीच पर शिकायतकर्त्ता का डीएम पर आरोप

Comments 1

  1. Om Prakash says:
    3 years ago

    इतिहास के तथ्यों से एक और खिलवाड़

    तमिलनाडु के पुरोहितों द्वारा भारत के होने वाले पहले प्रधानमंत्री पण्डित नेहरू को उपहार स्वरूप दिए गए #sengol को भाजपा ने 1947 में हुए सत्ता हस्तांतरण के ‘प्रतीक’ से जोड़ दिया. ख़बर है कि पार्लियामेंट के नए भवन में उसे स्थापित किया जाएगा. #sengol राजतंत्र में सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक हुआ करता था, लोकतन्त्र में उसका क्या काम? 14 अगस्त 1947 की रात नेहरू अपना प्रसिद्ध भाषण tryst with destiny दे रहे थे न कि ‘राजदंड’ सम्भाल रहे थे. BJP की असली मंशा किसी से छुपी हुई नहीं है!
    #SengolAtNewParliament

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

खूनी कार

March 28, 2022

बुलडोजर चलाना आपसे लोकतंत्र छीन लेने की शुरुआती प्रक्रिया है

April 15, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.