वे डरते हैं,
किस चीज़ से डरते हैं वे,
तमाम धन-दौलत
गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद ?
वे डरते हैं,
कि एक दिन,
निहत्थे और ग़रीब लोग
उनसे डरना
बंद कर देंगे ।
- गोरख पाण्डेय
रचनाकाल:1979
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