Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

तूने काला धन कहां छुपाया है मां ??

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 2, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
तूने काला धन कहां छुपाया है मां ??
तूने काला धन कहां छुपाया है मां ??

दरअसल जब वो बिल्डिंग बन रही थी, अमिताभ और शशि कपूर की मां ने ईंटे उठाई थी…दिन भर ईंटे ढोने के बाद उसने दो सौ रुपये कमाये. वो ब्लैक मनी थी.

अमिताभ की मां ने मजदूरी के पैसों से 80 रुपये का राशन खरीदा, 70 के कपड़े, 10 रुपये का ऑटो लेकर घर आई. उसके इन तमाम गंदे कामों से समाज में 200 + 80 +70 +10 = 360 रुपये का काला धन पैदा हुआ.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

इसलिए क्योंकि मां ने मजदूरी की आय में TDS नहीं भरा, न खर्चों में GST और भैया – ‘जिस आय/व्यय पैसे पर टैक्स न भरा गया हो, वह क़ानूनन काला धन होता है.’

दरअसल जब आप टैक्स भरते हैं- दो चीज करते हैं –

पहला- सरकार को रंगदारी देते हैं.
दूसरा- उस ट्रांजेक्शन की रिपोर्टिंग देते हैं.

रिपोर्टिंग न देना, आय छुपाना है, अपराध है. रंगदारी का रोकड़ा न देना, टैक्स की चोरी है. अपराध है. इसलिए, अमिताभ की मां कब तक खैर मनाएगी. आज नहीं तो कल, ED और CBI की जद में आएगी.

हां, मान लिया कि पड़ोसी के पेड़ से दातून तोड़ें, तो वो आपसे लड़ने नहीं आयेगा. पर डाल काट लें, तो अवश्य लड़ेगा. सरकार ने दातून तोड़ने की छूट दे रखी है. याने मां की मजदूरी पर वो लड़ने नहीं आती, आंख बंद कर लेती है.

मगर ऐसी छोटी छोटी चोरी, प्रतिदिन अरबों का काला धन पैदा करती तो है तो इस तरह 70 साल तक हमारे देश में ‘काले धन की इकॉनमी’ ग्रो हुई.

काला धन, काले रंग के नोट नहीं होते. वो un-taxed, un- reported पैसा है. ये बड़ी मेहनत से कमाया हो सकता है. मजदूर, दूधवाला, पानवाला, रिक्शेवाले…जो बिल नहीं देते, GST नहीं भरते, तो वो सब ब्लेक मनी पर जीते हैं.

हां, जब आप पेटीएम से पेमेंट करते हैं, तो पैसा खाते से कटता है. याने रिकार्ड में आता है. निकालने के पहले, पहले खाते में आएगा भी, तभई तो QR स्कैन करोगे. इस तरह सरकार के पास आपके आय-खर्च की पाई पाई का हिसाब है.

आपको उसका सोर्स भी बताना है. आयकर विवरणी में फॉर्म 60 लगाना है. तो पाई पाई का हिसाब देना है.

मितरों !!!

काला धन खत्म होना चिये, कि नई चिये ??
चिये, चिये, चिये !!!!!

जब आप ‘चिये चिये’ चिल्ला रहे थे, तो आपको लगा था कि आपका नेता, सारे भ्रष्ट नेताओं, उद्योगपतियों, चोर, फ्रॉड, अफसरों का काला पैसा लौटकर लूटकर लायेगा. सबको 15 लाख मुफत में मिल जाएंगे.

आपको थोड़ी पता था कि काला धन होता क्या है ?? और नेता ने भी आपकी बात मानी. वादा पूरा किया- नोटबन्दी कर दी.

70 साल से आपके तकिए के नीचे छुपे, दाल के डिब्बे में दबाए, बच्चे की गुल्लक में रखा काला धन, (जो अन-टैक्सड था, अन-रिपोर्टेड था) निकलकर सिस्टम में आ गया.

यही थी सर्जिकल स्ट्राइक, सफल रही. पीछे से पेटीएम आया, गूगल पे, फोन पे, ये पे-वो पे…पाई पाई का हिसाब दो, टैक्स दो,, अब आप और आपकी मां…बना के दिखाएं काला धन !

2

पैसा, मेरी निगाह में काला अथवा सफेद नहीं होता. वो दो तरह का होता है- मेहनत से कमाया हुआ, और डकैती से कमाया हुआ.

  1. Hard earned money
  2. Ill gotten money

दूसरे किस्म का पैसा- रिश्वत, डकैती, जरायम धन्धे, कालाबाजारी, हथियारों की दलाली या सत्ता की लूट से कमाया होता है. ये अंतराष्ट्रीय लेजीटमेट बिजनेस से कमाया, मगर हमारे टैक्स की उच्च दरों की वजह से विदेश में छुपाया हुआ भी हो सकता है.

आपने सोचा था कि स्ट्राइक इसपे होगी लेकिन ज्यादातर यह पैसा लन्दन, मॉरीशस, पनामा के रास्ते लौट आता है. वो जब भारत में आता है- FDI कहलाता है. उस पैसे की इज्जत है. उसे कमाने वाले बड़े लोग हैं. उन्हें स्ट्राइक से बचाने वाले बड़े लोग हैं.

काला पैसा तो बस अमिताभ की मां का है. आपके बाप, आपकी भी मां का है. जब आप परपीड़ा के सुख के लिए, किसी सर्जिकल स्ट्राइक कराने का ठेका दे रहे थे, दरअसल अपने पश्च प्रदेश में कील ठोकने का न्योता दे रहे थे. अच्छे से न ठुकी हो, तो फिर से उनको मौका अवश्य दें !

बहरहाल, नेता, व्यापारी, अफसर, उनकी दौलत तो पहले से ज्यादा सुरक्षित है लेकिन घर-घर में भारत मां के बेटे, उससे बांह मरोड़कर पूछ रहे हैं – ‘बोल, तूने काला धन कहां छुपाया है मां ??’

  • मनीष सिंह

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

मी लॉर्ड

Next Post

जिन्दा लोग

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

जिन्दा लोग

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल को मंहगा कर किसका हित साध रही है ?

March 7, 2022

इंटरनेट, लोकतंत्र और नरेन्द्र मोदी के साइबर खेल

April 26, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.