Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

निजीकरण और व्यवसायीकरण की अंधी दौड़

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 18, 2017
in ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

कांग्रेस शासन काल में गरजने-बरसने वाली भारतीय जनता पार्टी जब भारत की सत्ता पर काबिज हुई, तुरन्त हीं कांग्रेस के छोड़े निजीकरण सहित सारे काम जो कच्छप चाल में रही थी, उसे न केवल पूरी तरह अपना लिया वरन जोर-शोर से लागू करना शुरू कर दिया. वे सारे एजेंडे जिसका भाजपा जमकर विरोध करती रही थी सत्ता में आते ही रातों-रात उन मुद्दों की खूबियां गिनाने लगी. लागू करने के नये-नये तरीके अपनाने लगी.

देश भर के तमाम जनवादी-सामाजिक लोग जो कांग्रेस शासनकाल में निजीकरण के विरोध में उठ खड़े हो रहे थे, एकबारगी भौच्चक से हैं. एक मुद्दे को लेकर लोग लामबंद भी नहीं हो पाते हैं तब तक भारतीय जनता पार्टी की सरकार तीन नये मुद्दे तैयार कर देती है. रोहित वेमुला का मुद्दा ठीक से उठ भी नहीं पाता है कि जे0एन0यू0 मुद्दा बन जाता है, तुरंत ही नजीब का नया मुद्दा आ जाता है. यह सब केवल संवेदनशील लोगों को उलझाये रखकर जनविरोधी कदमों को लागू करने की साम्राज्यवादी साजिश का हिस्सा है.

You might also like

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

ऐसे ही समय में जब संवेदनशील लोग इन मुद्दों से जुझ रहे होते हैं तभी मध्य प्रदेश से खबर आ जाती है कि सरकार 10 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने का फैसला ले रही है, दूसरे राज्य राजस्थान से भी खबर आने लगती है कि वहां भी 20 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया जाने वाला है. अभी कुछ दिन पहले ही खबर थी कि आई0एस0ओ0 प्रमाणित एक रेलवे स्टेशन को एक निजी कम्पनी के हाथों में सौंप दिया गया है. मौजूदा भारत सरकार ने जनता की बुनियादी जरूरत शिक्षा को आम लोगों से पहुंच से दूर करने को कृतसंकल्पित है. स्वास्थ्य को तो पहले ही निजी हाथों में सौंप दिया गया है. दूरसंचार सेवा को तो निजीकृत पहले ही कर दिया गया है. आत्महत्या को मजबूर किसानों के बहुमूल्य जमीनों को छीन कर काॅरपोरेट घरानों को सौंपने की कवायद लगातार हो रही है.

संवेदनशील लोगों के लिए न्यायालय एक जगह बच जाती थी, वहां भी सुप्रीम कोर्ट तक में अपने दलालों को तैनात कर इस छोटी-सी उम्मीद को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है. एक दूसरी उम्मीद जो चुनाव के माध्यम से सत्ताधारी दल पर दबाब बनाने की होती है, भारतीय जनता पार्टी ने इसका भी काट ई0वी0एम0 में उलटफेर और चुनाव आयोग में भी अपने दलालों को तैनात कर निकाल लिया है. मुख्यधारा के चैनलों को तो खरीद कर चुप कब का करा दिया है. आगे बढ़कर सोशल मीडिया पर भी अपने ट्राॅल्स को बैठा कर विरोधी को खामोश कराने का चेष्टा किया जा रहा है.

अब फिर वही सबाल उठ खड़ा होता है कि आखिर जनवादी-सामाजिक संवेदनशील लोग जाये तो जाये किधर ?

Previous Post

देश को देश की जनता चलाती है

Next Post

अप्रसांगिक होते संसदीय वामपंथी बनाम अरविन्द केजरीवाल

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
ब्लॉग

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

by ROHIT SHARMA
November 6, 2025
Next Post

अप्रसांगिक होते संसदीय वामपंथी बनाम अरविन्द केजरीवाल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मेरे लिए भगत सिंह

March 24, 2022

पुतिन के आगे पस्त होती नाटो की गिरोहबंदी

August 14, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.