Tuesday, June 9, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

संघी दुश्प्रचार : इतिहास मिटाने का कुचक्र – ’70 साल तक देश में कुछ भी नहीं हुआ’

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 12, 2021
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

संघी दुश्प्रचार : इतिहास मिटाने का कुचक्र - '70 साल तक देश में कुछ भी नहीं हुआ'

बीजेपी और सोशल मीडिया पर बैठाये गये उनके पहरूओं ने जिस प्रकार देश के इतिहास और भूगोल पर सवालिया निशान लगाने का एक अभियान छेड़ रखा है, वह कहीं न कहीं देश को अराजकता और अंधकार की ओर घसीट कर ले जाने का एक दुष्चक्र के सिवा और कुछ नहीं है. बीजेपी शासन ने सत्ता पर आते ही पहला जो काम किया वह था अपने पिछले इतिहास को एकदम से मिटा देना या फिर पलट देना, और इसके लिए वह भरसक प्रयत्न किया. यह कुछ इसी प्रकार किया गया था जैसे एक समय चीन का एक राजा अपने आगमन के पूर्व के सारे इतिहास को मिटा डालने के लिए पूरे-के-पूरे पुस्तकालयों, विश्वद्यिालयों और पूर्व विद्वानों की लिखित साहित्यों को आग के हवाले कर दिया था और विश्व इतिहास को खुद के बाद से ही लिखा मानने के लिए लोगों को बाध्य करने लगा. शायद इसी तरह की धारणा बीजेपी ने भी अपने बारे में पाल रखी है. शायद इसी दंभ के कारण वह खुलेआम घोषणा कर रही है कि 70 साल तक देश में कुछ भी नहीं हुआ. केवल भ्रष्टाचार हुआ आदि-आदि.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

वर्तमान परिप्रक्ष्य में हालत यह हो गई है कि वाम दलों को आपसी गुटबाजी से ही फुर्सत नहीं है और जागरूक जनता हताशा से दो-चार होकर आत्महत्या का सरल मार्ग चुन रही है. ऐसे में एक बार जोखिम उठाते हुए यह देखना जरूरी है कि क्या वास्तव में देश में बीजेपी के कथनानुसार कोई विकास नहीं हुआ ? भगत सिंह और आजाद के द्वारा सृजित की गई कुर्बानी ने कोई रंग नहीं लाया ? हलांकि इस साथ ही यह स्पष्टीकरण भी कहीं न कहीं जरूरी लग रहा है कि मैं पूर्व के कालों की कोई तारीफ नहीं कर रहा और न हीं इस बात के समर्थन में ही हूं कि उन कालों में अन्याय और अत्याचार नहीं हुए है, पर एक तुलना तो जरूरी हो जाता है.

1947 में देश में सुई तक नहीं बनती थी. सारा देश राजा-रजवाड़ों के झगड़ों में बंटा हुआ था. देश के मात्र पचास गाँवों में बिजली थी. पूरे राजस्थान में मात्र बीस राजाओं के महल में फोन था. किसी गांव में नल नहीं थे. पूरे देश में मात्र दस बांध थे. सीमाओं पर मात्र कुछ सेनिक थे. चार विमान थे, बीस टैंक थे. देश की सीमाएं चारों तरफ से खुली थी. खजाना खाली था. ऐसी बदहाली की हालत में हमारा देश था. इन साठ सालों में कांग्रेस ने हिंदुस्तान में विश्व की सबसे बड़ी ताकत वाली सैन्य शक्ति तैयार की. हजारों विमान-हजारों टैंक-लाखों फैक्ट्रीयां, लाखों गांवों में बिजली, हजारों बांध, लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण, हर हाथ में फोन-हर घर में मोटर साईकिल वाला मजबूत देश साठ साल में बना कर दिया है देश ने.

भारत ने पिछले 60 सालों में तरक्की भी बहुत की है और भूतपूर्व प्रधानमंत्रियों ने कई इतिहास रच दिए हैं जिसकी वजह से भारत आज एशिया की दूसरी सब से बड़ी ताकत के तौर पहचानी जाती है. इसके अलावा भारत एशियाई खेलों की मेजबानी कर चुका है. भारत में भाखड़ा और रिहंद जैसे बाँध बन चुके है. देश भामा न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर का उद्घाटन कर चुका है. देश में तारापुर परमाणु बिजली घर शुरू हो चुका है. देश में कई दर्जन ।प्प्डैए प्प्ज्ए प्प्डै और सैकड़ों विश्वविद्यालय खुल चुके है. नेहरु ने नवरत्न कम्पनियां स्थापित कर दी थी. कई सालों पहले भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को लाहौर के अंदर तक घुसकर मारा था और लाहौर पर कब्जा कर लिया था. पंडित नेहरु पुर्तगाल से जीत कर गोवा को भारत में मिला चुके हैं. नेहरु जी ने ISRo (Indian Space Research Organization) की शुरुआत कर दी थी.

भारत में श्वेत क्रांति की शुरुआत हो चुकी है. देश में उद्योगों का जाल बिछ चुका है. इंदिरा जी पाकिस्तान के दो टुकड़े कर चुकी और पाकिस्तान 1 लाख सैनिकों और कमांडरों के साथ भारत को सरेंडर कर चुका था. भारत में बैंकों का राष्ट्रीयकरण हो चूका है. इंदिरा जी ने सिक्किम को देश में जोड़ लिया है. देश अनाज के बारे में आत्मनिर्भर हो गया था. भारत हवाई जहाज और हेलीकाप्टर बनाने लगा था. राजीव गाँधी ने देश के घर घर में टी.वी. पहुंचा दिया था. देश में सुपर कम्प्यूटर, टेलीविजन और सुचना क्रांति (Information Technology) पूरे भारत में स्थापित हो चुका था. जब मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे थे तब तक भारत सर्वाधिक विदेशी मुद्रा के कोष वाले प्रथम 10 राष्ट्रों में शामिल हो चुका था. इनके अलावा … चन्द्र यान, मंगल मिशन, ळैस्ट, मेट्रो, मोनो रेल, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, न्यूक्लियर पनडुब्बी, ढ़ेरों मिसाइल – पृथ्वी, अग्नि, नाग आदि, दर्जनों परमाणु सयंत्र, चेतक हेलीकाप्टर, मिग, तेजस, ड्रोन, अर्जुन टैंक, धनुष तोप, मिसाइल युक्त विमान, आई एन एस विक्रांत विमान वाहक पोत. ये सब उपलब्धियां देश ने मोदी के प्रधानमंत्री बनने के पहले हासिल कर ली थी.

इतना सब कुछ करने के बाद भी जब प्रधानमंत्री पद पर बैठे मोदी को लगता है कि पिछले 70 सालों में देश में कोई भी विकास नहीं हुआ और नोटबंदी, गाय, गोबर, गौ-मुत्र, देशभक्त, जय श्री राम, स्वदेशी के नाम पर लूट-खसोट, सैनिक आदि के नाम की आड़ लेकर जिस प्रकार बड़े भ्रष्ट औद्यौगिक घरानों के गोद में बैठकर जनता के हितों के खिलाफ दिन-रात षड्यंत्र रच रहे हैं और जनता की आखिरी कमाई तक पर जिस प्रकार की गिद्ध नजर डाली हुई है. मरते लोगों पर जिस तरह मजाक गढ़े जा रहे हैं. उजड़ते किसानों पर कहकहे लगाये जा रहे हैं इन सब चीजों ने फिर से हमारे पुराने प्रधानमंत्री के कामों की याद दिला दी है, जिसे मिटाने की जी-तोड़ कोशिश में बीजेपी और उनके अंधभक्त मीडिया और सोेशल मीडिया पर अपने सड़ांध फैला रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता कनक तिवारी के शब्दों में कहें तो ‘कांग्रेस और उसके नेताओं ने कई ऐतिहासिक गलतियां की हैं, इसका यह अर्थ नहीं है कि अपयश का ठीकरा उनके माथे पर वह लोग फोड़े जो देश के इतिहास में अंग्रेजों की दलाली और जासूसी कर हजारों की तादाद में क्रांतिकारी देशभक्तों को जेल भेजा और फांसी पर लटकाया और अब वह बिना कुछ किए श्रेय लूट ले जाएं.

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

महाशिवरात्रि

Next Post

बादशाह अकबर और हीर सूरी कथा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

बादशाह अकबर और हीर सूरी कथा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

‘Salt of this Sea’: एक अदद घर की तलाश में फिलिस्तीन

October 23, 2023

मुझे अतीक अहमद से पूरी हमदर्दी है क्योंकि …

May 4, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.