आभा शुक्ला यूपी की कानून व्यवस्था कितनी चाक चौबंद है इस बात का अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि संजीव माहेश्वरी की हत्या लखनऊ कोर्ट रूम में ही हो गई...! और सभी हत्यारोपित फरार हो गए. वकीलों की सूझ-बूझ से एक आरोपी पकड़ा गया ... फायरिंग में एक मासूम बच्ची की भी मौत हो गई...यूपी की एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस लूडो खेलती रही....9 राउंड फायरिंग हुई, जज साहब को जान बचाने के लाले पड़ गए...! यूपी में खुला गैंगवार चल रहा है पुलिस की सरपरस्ती में.... एक गैंगस्टर दूसरे की हत्या करा देता है कभी कोर्ट रूम में तो कभी जेल के भीतर...! वो बाबू बजरंगी याद है न...! ठीक इसी तरह मुन्ना बजरंगी की हत्या भी जेल में हो जाती है, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल पाया कि जेल के अन्दर असलहा कैसे पहुंचा....? और अब यह भी एक रहस्य रह जायेगा कि कोर्ट परिसर में असलहा कैसे पहुंचा....? जैसे ये रहस्य रह गया कि अतीक की हत्या करने वाले टटपुंजियों के पास इतनी महंगी पिस्टल पहुंची कैसे....? वैसे अतीक की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की संपत्ति का ब्यौरा 6 महीने बाद निकाल लीजिएगा....! अच्छा लगेगा आपको....! बाकी यूपी में तो रामराज है ही....!