मैं तुम सबको देख रहा हूं - मैं तुम सबको देख रहा हूं. मैं तुम्हारा हर झूठ रिकॉर्ड कर रहा...
Read moreDetailsआखिरी सलाम... कॉमरेड हम तुम्हें आखिरी सलाम भी नहीं दे पाये तुम भी तो हमारा इंतजार कर रहे होगे अख़बार...
Read moreDetailsफटे जूते मेरे जुराबों के नीचे कई छेद हैं जिन्हें छुपाने की जद्दोजहद में फट गए हैं जूते मेरे मेरे...
Read moreDetailsसदाशिव के ध्यान में एक निहित वक्रोक्ति है जिस समय तुम किसी दिशा पटानी के तिर्यक में बरमूडा में भटके...
Read moreDetailsदिल्ली में कम्युनिस्ट होना सरल है बनिस्बत हमारे शहर के और भी कठिन है, हमारे जिले के किसी गांव के...
Read moreDetailsऔरत महिलाएं चूल्हे पर चावल रख रही हैं जिनके चेहरों की सारी सुन्दरता और आकर्षण गर्म चूल्हे से उठती गर्मी...
Read moreDetailsलाशों के भी नाखून बढ़ते हैं… 1. संभव है संभव है कि तुम्हारे द्वारा की गई हत्या के जुर्म में...
Read moreDetailsख़ूबसूरत कौन- लड़की या लड़का ? अगर महिलायें गंजी हो जायें, तो बदसूरत लगती हैं... अगर महिलाओं की मुंछें आ...
Read moreDetails'हिन्दू राष्ट्र' के फासिल्स (स्केच : Salvador Dali) कल को जब 'हिन्दू राष्ट्र' के फासिल्स तलाशे जाएंगे तो भावी इतिहासकार...
Read moreDetailsआभाषी अमीरी गरीबी है कहां गरीबी का मूल्य पांच किलो अनाज मनरेगा किसान योजना में छह हजार रुपए खैरात के...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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