समय के गर्भ में पलते हैं क्रांतिकारी
काट लो जुबां मेरी, मेरी कलम बोलेगी, काट दोगे हाथ मेरे, मेरी आंखें बोलेंगी, चढ़ा दो फांसी पर मुझे, मेरा...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
काट लो जुबां मेरी, मेरी कलम बोलेगी, काट दोगे हाथ मेरे, मेरी आंखें बोलेंगी, चढ़ा दो फांसी पर मुझे, मेरा...
महाराष्ट्र के बदलापुर यौन उत्पीड़न कांड के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर एक्शन, 300 लोगों पर FIR, 40 गिरफ्तार....
गधे की विडंबना एक गधा था. इसे विधि की विडंबना कहिए या कुछ और कि उसके दो पैर और दो...
लैटरल एंट्री एक शानदार विचार है लेकिन... लैटरल एंट्री एक शानदार विचार है...सारे ज्ञान और ईमानदारी का ठेका, 20-22 की...
लैटरल एंट्री माने मनुवाद की स्थापना. मनुस्मृति की वापसी हो रही है. अभी वक्त है संभल जाओ - जगदीश्वर चतुर्वेदी...
‘मंहगाई की महामारी ने हमरा भट्टा बिठा दिया’ 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र में ‘मोदी की गारंटी’...
उड़नतश्तरियों की दहशत और वैज्ञानिक शोधों के जीरो नतीजे ब्रह्माण्ड अनंत है तो इसके रहस्यों की श्रृंखला भी उतनी ही...
ओ गाजा के शरारती बच्चों तुम वही हो न जो मेरी खिड़की के नीचे शोरगुल से मेरी नाक में दम...
संदेश रासक : कापालिकों की भी देश में कहीं इज्जत थी चंद्रभूषण हाथ में खोपड़ी लिए सड़क पर समूह में...
फिलिस्तीनी कविता : जंग के एक बरस बाद हम हाजिर हैं... (तस्वीर : cartoonmovement.com से) जंग के एक बरस बाद...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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