माई लाॅर्ड बने हिज़ एक्सीलेंसी : सुप्रीम कोर्ट जज को रिटायरमेन्ट के बाद सरकारी शगल का हिस्सेदार क्यों बनना चाहिए...
Read moreDetailsगैंगस्टर कैपिटलिज्म : अडाणी एक सबक हैं, भारत की भावी राजनीति और आने वाली पीढ़ियों के लिये (कार्टून : 'टाईम्स'...
Read moreDetailsइतिहास के पन्नों को पलट कर देखें तो बहुत कुछ सीखने को मिलता है. हमारे देश में अंग्रेजों, मुगलों और...
Read moreDetailsबौद्धों का प्रतीक : स्तूप मिस्र के पिरामिडों के बाद दुनिया की सबसे रहस्यमय आकृतियां स्तूप हैं, जो अपने अन्दर...
Read moreDetailsविश्लेषण : आदिवासी हिन्दू नहीं हैं, क्यों ? भारत में अनुसूचित आदिवासी समूहों की संख्या 700 से अधिक है. भारत...
Read moreDetailsधीरूभाई अम्बानी : मैनेज सिस्टम, हैंडल ब्यूरोक्रेट्स, यूज़ द लूपहोल धीरू भाई अम्बानी के निमंत्रण पर एक ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार बर्ष...
Read moreDetails'आओ, मिलकर सब पुस्तकें जलायें...', ओह, ये कविता नहीं...असल आव्हान था. जनता की मानसिक शुद्धि के लिए, राष्ट्र औऱ संस्कृति...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार अमरीका बहुत अमीर है. अमरीका की सेना भी सबसे बड़ी है. सेना और अमीरी का सीधा-सीधा नाता है....
Read moreDetailsदरिंदा बुलडोजर, बेशर्म सरकार, बेजुबान लोग आभा शुक्ला भाजपा सरकार को ब्राह्मणों और सवर्णों की सरकार समझने वाले सिरफिरे ब्राह्मण...
Read moreDetailsअडानी-मोदी क्रोनी कैपिटलिज़्म : यह कैसा राष्ट्रवाद है तुम्हारा ? श्याम सिंह रावत हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में अडाणी ग्रुप...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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