गरीबी की कोख से जन्मी मजबूरी इंसानियत का भी भक्षण कर लेती है राम अयोध्या सिंह गरीबी से बढ़कर कोई...
Read moreDetailsपेंशन, सब्सिडी, छुट्टियां, मंहगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधाएं यह सब बड़े संघर्षों के बाद पाए अधिकार हैं. इन्हें भावुक बनाकर खत्म...
Read moreDetailsमुसलमानों के बारे में दो गलतफहमियां हिमांशु कुमार, गांधीवादी विचारक भारत में बहुत सी गलतफहमियां मौजूद हैं. आज इनमें से...
Read moreDetailsमहान कृति ‘दस दिन जब दुनिया हिल उठी’ के लेखक जॉन रीड की जीवनी पहला अमरीकी नगर, जहां मजदूरों ने...
Read moreDetailsभगत सिंह को याद करते हुए उनकी शहादत के बाद प्रख्यात साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी ने यह लेख लिखा था. यह...
Read moreDetailsअर्बन नक्सल से कलम नक्सल तक के विकास पर मोदी के इस भाषण को बहुत ध्यान से सावधानीपूर्वक अध्ययन करना...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना एक आर्थिक परिचर्चा में सुना था - 2014 में हमारा देश भुखमरी से...
Read moreDetailsअतार्किक भावविह्वल श्रद्धा-भक्ति और अवतारवाद तथा वैज्ञानिक विश्लेषण एवं वस्तुपरक इतिहास-दृष्टि से रिक्त यांत्रिक एवं पूर्वाग्रहपूर्ण आलोचना - ये दोनों...
Read moreDetailsबिहार में गठबंधन की सरकार और संसदीय वामपंथियों का संकट बिहार के महागठबंधन सरकार के तौर तरीके और कई जनविरोधी...
Read moreDetailsत्योहार : क्रान्ति में लगे लोगों के अपने उत्सव और कार्निवाल होने चाहिए त्योहारों का जन्म कृषि-आधारित पुरातन समाजों में...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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