मैनेजर पांडेय : एक कम्प्लीट आलोचक जगदीश्वर चतुर्वेदी प्रोफ़ेसर मैनेजर पांडेय की मृत्यु हम सबकी व्यापक क्षति है. आलोचक के...
Read moreDetailsकानून के मुताबिक़ किसी अनुसूचित जाति या जनजाति के व्यक्ति की ज़मीन पर कब्ज़ा करना अत्याचार की श्रेणी में आता...
Read moreDetailsशहर के आख्यान की तलाश में जगदीश्वर चतुर्वेदी शहर का आख्यान जीवन की सही समझ और सही सैद्धांतिक फ्रेमवर्क से...
Read moreDetailsसमाजवाद ही मानवता का भविष्य है मुनेश त्यागी पूरी मानवता का अस्तित्व समाजवाद में ही है. समाजवाद लेता और बांटता...
Read moreDetailsगरीबी की कोख से जन्मी मजबूरी इंसानियत का भी भक्षण कर लेती है राम अयोध्या सिंह गरीबी से बढ़कर कोई...
Read moreDetailsपेंशन, सब्सिडी, छुट्टियां, मंहगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधाएं यह सब बड़े संघर्षों के बाद पाए अधिकार हैं. इन्हें भावुक बनाकर खत्म...
Read moreDetailsमुसलमानों के बारे में दो गलतफहमियां हिमांशु कुमार, गांधीवादी विचारक भारत में बहुत सी गलतफहमियां मौजूद हैं. आज इनमें से...
Read moreDetailsमहान कृति ‘दस दिन जब दुनिया हिल उठी’ के लेखक जॉन रीड की जीवनी पहला अमरीकी नगर, जहां मजदूरों ने...
Read moreDetailsभगत सिंह को याद करते हुए उनकी शहादत के बाद प्रख्यात साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी ने यह लेख लिखा था. यह...
Read moreDetailsअर्बन नक्सल से कलम नक्सल तक के विकास पर मोदी के इस भाषण को बहुत ध्यान से सावधानीपूर्वक अध्ययन करना...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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