हिमांशु कुमार केन्द्रीय भारत के आदिवासी की अर्थव्यवस्था कुछ ऐसी है. वह बरसात में खरीफ में धान की फसल लेता...
Read moreDetailsसौमित्र राय प्रधानमंत्री पगला गए हैं. हेलिपैड पर शून्य में हाथ हिलाने और सायकल पर बम की झूठी बात कहने...
Read moreDetailsरविश कुमार महंगाई के समर्थकों के अच्छे दिन आने वाले हैं. उन्हें फिर से मध्यम वर्ग को गर्व से समझाने...
Read moreDetailsविष्णु नागर चुनाव के दिन. लखनऊ से दिल्ली तक का सिंहासन डोलने के दिन। जिन्हें पांच साल तक लात मारी,...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय हद ही हैं, एक तरफ रिजर्व बैंक के गवर्नर कह रहे हैं कि क्रिप्टो करेंसी पोंजी स्कीम जैसी...
Read moreDetailsरवीश कुमार राजनीति और पत्रकारिता में भाषा की नैतिकता के सारे नियम ध्वस्त हो चुके हैं. किसने शुरूआत की और...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय सिंगापुर की संसद में लोकतंत्र पर चर्चा हो रही थी. इस चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ली सीन लूंग...
Read moreDetailsरविश कुमार चन्नी का बयान ग़लत है लेकिन निंदा करने वाले उससे भी ज़्यादा ग़लत हैं. अभी कुछ दिन पहले...
Read moreDetailsप्रियदर्शन, एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर, NDTV इंडिया कौन जात हो भाई ? 'दलित हैं साब !' नहीं मतलब किसमें आते हो ?...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना उत्तर प्रदेश से भाजपा के लिये बहुत अधिक उत्साहवर्द्धक संकेत नहीं आ रहे....
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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