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गुलाम बनती बहुसंख्यक आबादी के बीच बढ़ता आत्महत्या का दौर

भटिंडा (पंजाब) के व्यापारी देवेन्द्र गर्ग ने लाकडाउन के दौरान व्यापार में घाटा होने के कारण आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला...

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निजीकरण की तीव्रता और उसके विरोध का अन्तरविरोध

हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना अभी पिछले साल ही तो हमने देखा था कि कभी हल्की, कभी तेज...

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नवदेवियांं या नवअप्सराएंं ..?

कम्बोडिया, वियतनाम, थाईलैंड, सुमात्रा, म्यांमार, लाओस, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बेबीलोन आदि देशों की अप्सराएंं, जिन्हें सामान्य भाषा में नाचने-गाने वाली तवायफें,...

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बहसबाजी के अड्डेवाली व्यवस्था को धता बताकर जनता के द्वारा स्थापित विकल्प की ओर क्यों न बढ़ें ?

संजय श्याम साम्राज्यवादी डाकुओं की बढ़ती लूट, देशी सरमायेदारों की फूलती थैलियां, मेहनतकशों की बढ़ती तबाही, बेरोजगारी, आसमान छूती मंहगाई,...

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