अपने स्कूलों व शिक्षण संस्थाओं में लगातार बदलाव होता रहा है, जिसका सिलसिलेवार अध्ययन विकासक्रम को समझने में बेहद सहायक...
Read moreDetailsमात्र 20 वर्ष पहले बोलिविया ने निजीकरण की रफ्तार पकड़ी. सब कुछ निजीक्षेत्र को दिया जाने लगा. आखिरकार सरकार ने...
Read moreDetailsसुब्रतो चटर्जी भूख पाशविक है, रुचि मानवीय है. इस छोटे से फ़र्क़ को बिना समझे किसी भी मनुष्य के सामाजिक,...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्ता एक बार मैं सोनी सोरी वाले मामले की सुनवाई के लिये सुप्रीम कोर्ट में गया हुआ...
Read moreDetailsलो अतीत से उतना ही, जितना पोषक है जीर्ण-शीर्ण का मोह, मृत्यु का ही द्योतक है. - द्वारिका प्रसाद माहे...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना हाथरस जैसी घटनाएं सिर्फ इसका संकेत नहीं हैं कि दलित आज भी कितने...
Read moreDetailsजब भगत सिंह और उनके साथी भारतीय और अन्तरराष्ट्रीय क्रान्तिकारी आन्दोलन की समीक्षा करते हुए लोगों से उसे साझा कर...
Read moreDetailsजी हां, दंगाइयों के जमावड़े में एक बहादुर ऐसा था, जिसने ताजिंदगी बदनामी के धब्बे को स्वीकारते हुए नीलकंठ बनना...
Read moreDetailsपं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ हिन्दू और मुस्लिम दोनों का मूल स्वभाव लड़ना है. इसे ऐसे...
Read moreDetailsअटल बिहारी बाजपेयी का चीन के साथ संबंधों में गहरा योगदान है. 1950 के स्वयंसेवक अटल के चीन के लिए...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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