यह मुहावरा बोनलेस चिकनचिली की तरह सुनने में बड़ा अच्छा लगता है कि ‘शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं.‘ क्या राष्ट्र बन...
Read moreDetailsश्रीराम सेने के प्रमोद मुतालिक ने गौरी लंकेश पर कुत्ते की याद करते फब्ती कसी थी. पहले भी एक हिन्दुत्वपरस्त...
Read moreDetailsअगर सरकार को यह कानून चाहिए ही, तो कम से कम इसका नाम कुछ और कर लें. यह नाम तो...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय आज जो मौतें हो रही है वह कोरोना से अधिक विभिन्न बीमारियों मसलन टीबी, डायरिया, श्वसन समस्या, दिल...
Read moreDetailsपं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ ब्रांडेड हो या अनब्रांडेड, लघु उद्योग हो या शिल्प उद्योग, निर्मित...
Read moreDetailsसुब्रतो चटर्जी आज जब इस सवाल पर लिखने बैठा हूं, पुल के नीचे से बहुत सारा पानी बह चुका है....
Read moreDetailsरविश कुमार, अन्तराष्ट्रीय जन-पत्रकार भारत के सामाजिक-राजनीतिक मानस में एक हीनग्रंथि है. कड़े निर्णय लेने और भाषणबाज नेता का कांप्लेक्स...
Read moreDetailsसुब्रतो चटर्जी लॉकडाउन के पहले हफ़्ते में इस लेख की पहली कड़ी मैंने लिखा था. बंद हुए शहर गांंव, उजड़ते...
Read moreDetailsबहुत से मित्रों ने पूछा है कि जीडीपी के 23.9 फीसदी गिरने का मतलब क्या है और मुझ पर इसका...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना बेचैनियां तो हैं...और ये बढ़ती भी जा रही हैं. मीडिया और सरकारी तंत्र...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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