हिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्र्ता हम पर इलज़ाम लगाया जाता है, क्या मानवाधिकार सिर्फ नक्सलियों के ही होते हैं ? क्या पुलिस...
Read moreDetailsभारत सरकार के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर बैठे आरएसएस के एजेंट (जो अब प्रधानमंत्री जैसे पदों तक पर विराजमान हो...
Read moreDetailsमैंने राजनीति में 1937 में प्रदेश किया. उस समय मेरी उम्र बहुत कम थी, लेकिन चूंंकि मैने मैट्रिक की परीक्षा...
Read moreDetailsरविन्द्र पटवाल, राजनीतिक विश्लेषक मेरे लिए तो भारतीय अर्थव्यवस्था 2012 से ही मंदी के दौर में प्रवेश कर चुकी थी. मेरा...
Read moreDetailsपूरी नौकरशाही, सीबीआई, ईडी आदि तो सरकार के पालतू कुत्ते हैं ही. अब ज़रा आला अदालत की भी सुनिए. आला...
Read moreDetailsबहुत से लोगों की दलील सुनता हूंं कि अब जातिवाद नहीं हो रहा है, या है ही नहीं. समाज में...
Read moreDetailsराजधानी दिल्ली की छाती पर देश का सबसे बडा अतिक्रमण और अवैध निर्माण है, अक्षरधाम मंदिर. पूर्वी दिल्ली में यमुना...
Read moreDetailsरविश कुमार, मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित पत्रकार अर्थव्यवस्था के आकार के मामले में भारत का स्थान फिसल गया है. 2018...
Read moreDetailsपं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ ये अंतिम भाग है क्योंकि उस झूठे आदमी के झूठ का...
Read moreDetailsरविश कुमार, मैग्सेसे अवार्ड से सम्मानित पत्रकार 1 अप्रैल, 2017 को राजस्थान के अलवर में एक पिक अप वैन रोक...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.