Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

मानवाधिकार किसके लिए ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 31, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

मानवाधिकार किसके लिए ?

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्र्ता

हम पर इलज़ाम लगाया जाता है, क्या मानवाधिकार सिर्फ नक्सलियों के ही होते हैं ? क्या पुलिस वालों के मानवाधिकार नहीं होते ? ये मानवाधिकार वाले कभी सुरक्षा बलों के मानवाधिकारों के पक्ष में क्यों नहीं बोलते ?

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

पहली बात तो यह कि मानवाधिकार वाले तभी बोलते हैं जब सरकार निहत्थे लोगों को जान बूझ कर मार डालती है इसलिये हमारे द्वारा नक्सलियों के मानवाधिकारों के लिये बोलने वाला वाला इलज़ाम खारिज-

दूसरी बात पुलिस वालों के मानवाधिकार की. चलिए आ जाइए मैदान में. दीजिए पुलिस और सुरक्षा बल वालों को उनके अधिकार –

  1. गलत आदेश का पालन ना करने का संवैधानिक अधिकार : ( जब बड़ा अधिकारी आदिवासियों के गाँव जलाने या बलात्कार के सबूत मिटाने का आदेश दे तब , या जब सिपाही को लगे कि सरकार का विरोध करने वाले शांतिप्रिय तरीके से अपनी बातें रख हैं उन पर लाठी या आंसू गैस नहीं छोडनी चाहिये , तब सिपाही को अपने अफसर के गलत आदेश का पालन ना करने का संवैधानिक अधिकार दीजिए )
  2. संविधान में दिये गये इस अधिकार को लागू करने के कारण बड़े अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किये जाने पर अदालत में अपने बड़े अधिकारी के खिलाफ मुकदमा चलाये जाने का अधिकार दीजिए सुरक्षा बलों के सिपाहियों को.
  3. अपनी पारिवारिक ज़रूरतों के अनुसार छुट्टी का अधिकार (माँ मरे या पत्नी के बच्चा हो या बच्चा अस्पताल में हो तब छुट्टी मांगने पर बड़े अफसरों द्वारा बेइज्जती से बचाव का अधिकार दीजिए सिपाहियों को).
  4. आठ घंटे ही काम का अधिकार ( सिपाहियों से चौबीस- चौबीस घंटे ड्यूटी करवाना बंद करो आज से ही).
  5. सेवा शर्तों में वर्णित काम के अलावा दूसरे काम ना करने का अधिकार (वी आई पी ड्यूटी वाले सिपाही से घर का काम करवाया जाता है . साहब के घरों में रसोई का काम , झाडू पोंछा , सब्जी लाना बच्चे को स्कूल छोड़ने जाना , साहब के कुत्ते को टट्टी करवाने ले जाना आदि काम सिपाहियों से करवाना बंद करो).
  6. कार्यस्थल की सुरक्षा : सिपाहियों के बैरक के लिये जो पैसा आता है वह कहाँ जाता है ? उसकी बजाय जान बूझ कर उन्हें गाँव के बीच में सरकारी स्कूलों को कब्ज़ा करके उसमे रहने के लिये मजबूर किया जाता है. जहां उनका झंझट जनता के साथ होता है .बाद में सिपाहियों पर हमला भी कई बार इसी कारण से होता है.

आपको यह भी याद होगा कि पिछले साल जब अबूझमाड़ में पांच सिपाहियों को अगवा किया गया था तब उन्हें रिहा करवाने के लिये सरकार ने कोई भी कार्यवाही नहीं करी बल्कि उनकी रिहाई के लिये मानवाधिकार कार्यकर्ता ही गये थे और उन्हें रिहा करवा कर लाये थे

7. सिपाहियों की भरती में रिश्वत लेना बंद करो : क्या आप जानते हैं कि सारे टेस्ट और जांच पूरी होने के बाद सिपाही के नौकरी के लिये गरीब परिवार के युवाओं से बड़ी रिश्वत ली जाती है जिसे कई बार अपनी ज़मीन बेच कर और कई बार क़र्ज़ लेकर चुका कर युवक नौकरी में जाते हैं . बाद में यही युवक सिपाही बनने के बाद अपना दिया हुआ पैसा वसूलने के लिये गरीब जनता से रिश्वत मांगते हैं और उनके घरों में लूटपाट करते हैं .

चलिए दीजिए सिपाहियों को भी उनके मानवाधिकार.

Read Also –

अमानवीय हालत में काम कर रही महिला आरक्षियों के साथ मानवीय व्यवहार प्राथमिक शर्त हो !
उड़ीसा : कॉरपोरेट लुट के लिए राज्य और वेदांता द्वारा नियामगीरी के आदिवासियों की हत्याएं और प्रताड़ना; जांच दल की रिपोर्ट
नक्सलवादी हिंसा की आड़ में आदिवासियों के खिलाफ पुलिसिया हिंसा और बलात्कार का समर्थन नहीं किया जा सकता
लेधा बाई का बयान : कल्लूरी का “न्याय”
दन्तेवाड़ाः 14 साल की बच्ची के साथ पुलिसिया दरिंदगी
वरवर राव की गिरफ्तारी में दिखा हिंसक पुलिस का विद्रुप ब्राह्मणवादी चेहरा

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

किताबों से थर्राती सरकार और न्यायपालिका

Next Post

मैंने नक्सली, माओवादी एवं देशद्रोही होने के सारे सबूत मिटा दिए

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

मैंने नक्सली, माओवादी एवं देशद्रोही होने के सारे सबूत मिटा दिए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

एक हाहाकारी सत्य कथा : गब्बर वर्सेज नेहरू …

March 6, 2024

आदमखोर

June 19, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.