कौन सोच सकता था कि किसी दिन, एक जवान और थोड़े से किसान प्रधानमन्त्री को लोकसभा चुनाव में चुनौती देंगे...
Read moreDetailsकिसी समय भारत के आंंकड़ों पर पूरी दुनिया में भरोसा किया जाता था और आंंकड़े इकट्ठा करने वाले संस्थानों को...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता भारत एक राष्ट्र नहीं था. भारत एक राष्ट्र अंग्रेजों के जाने के बाद भारत के संविधान के...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता अगर आप सोचते हैं कि सभी इंसानों की बराबरी और समाजवाद का विचार मार्क्सवादी वामपंथियों का...
Read moreDetailsरविश कुमार इंडियन एक्सप्रेस में शुभाजीत रॉय की एक ख़बर है. आप पाठकों को यह ख़बर पढ़नी चाहिए. इससे एक...
Read moreDetails1991 में पहली बार जब मुल्क गंभीर अर्थसंकट से गुजरा था तब तत्कालीन सरकार ने करीब 47 टन गोल्ड बैंक...
Read moreDetails'जब बच्चे घर से बाहर निकलने में डरें' हर्षमंदर का लेख 'द इंडियन एक्सप्रेस' दिनांक 4 मई, 2019 के अंक...
Read moreDetailsपाकिस्तान स्थित आतंकवादी सरगना मसूद अजहर जिसे भाजपाई प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने ससम्मान भारत की जेल से निकाल कर...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता मैं इस पैसे से नेता अफसर और पुलिस को खरीद लूंगा. मैं इस पैसे से अपना...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता बिना मेहनत के हर चीज़ का मालिक बन बैठे हुए वर्ग के लोग अपनी इस लूट...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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