जो भी देश का प्रधानमंत्री होता है, अपने कार्यकाल के दौरान हर समय खतरे में होता है क्योंकि वही देश...
Read moreDetailsजन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (एनएपीएम) महाराष्ट्र पुलिस द्वारा जन आंदोलनों से जुड़े मानवाधिकार कार्यकर्ताओं प्रोफेसर शोमा सेन, एडवोकेट सुरेंद्र...
Read moreDetailsकई दिनों से लगातार ट्रेन में सफर कर रहा हूं. रात में अपनी सीट पर बैठा था तो दो लड़के...
Read moreDetailsमैं अंधभक्तों की आंख तो नहीं खोल सकता लेकिन चाहता हूंं कि वे थोड़ी तर्क शक्ति का इस्तेमाल कर नीचे...
Read moreDetailsएक कहावत है "चिराग तले अंधेरा" ऐसा लगता है कि यह कहावत आज की पत्रकारिता और उसके पत्रकारों के लिए...
Read moreDetailsदूसरे विश्वयुद्ध के दौरान फासिस्ट जर्मनी पर एक प्रसिद्ध कार्टून पिछले दो आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक...
Read moreDetailsइस लेख में प्रस्तुत आंकड़ें “लीगल एड” संस्था के शोध के आधार पर 2012 की स्थिति के आंकड़ेंं है. नक्सली...
Read moreDetailsकर्नाटक में राजनीतिक उठापटक का पहला अध्याय समाप्त हो गया. इसमें सुप्रीम कोर्ट की भूमिका निर्णायक बन गयी, अन्यथा राज्यपाल...
Read moreDetails“हम और हमारी परिभाषित राष्ट्रीयता” (We or 0ur Nationhood Defined) नाम की अपनी पुस्तक के आमुख में “गुरूजी” लिखते हैं:...
Read moreDetailsसरकार नक्सलियों को आतंकवादियों के रूप में संदर्भित कर राज्य के खिलाफ हिंसा करने के लिए उन्हें दोषी ठहरा झूठे...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.