बिहार में यह सत्ता परिवर्तन नहीं, सत्ता का अपहरण है हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना शानदार तो...
Read moreDetailsएकबार फिर पलटी के बाद नीतीश कुमार का कोई भविष्य शेष नहीं रहेगा राम अयोध्या सिंह अब, जब बिहार में...
Read moreDetailsझुकने वाली कौम, जिसने झुक झुक कर अपनी रियासत बचाये रखी एक हजार साल की गुलामी के दंश को रोती...
Read moreDetailsतीसरे विश्वयुद्ध की रिहर्सल में तबाह यूक्रेन इजरायल वर्चस्व का युद्ध है. इसमें संवेदना के लिए कोई जगह नहीं होती....
Read moreDetailsनीत्शे : नारी विरोधी एक फासीवादी विचारक... मनीष आजाद जैसे-जैसे फासीवाद हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को अपने आगोश में...
Read moreDetailsदेश को दोनों हाथों से लूटने की मोदी सरकार की कवायद 2014 में प्रधानमंत्री बनते ही नरेन्द्र मोदी ने शुरु...
Read moreDetailsआगामी बीस सालों में समाज का संपूर्ण लंपटीकरण हो जायेगा अगर... सुब्रतो चटर्जी समाजशास्त्रियों को भारत में पिछले एक दशक...
Read moreDetailsगांधी, नेहरू और सुभाष श्याम बेनेगल की फिल्म 'नेताजी द अनफॉरगोटेन हीरो' में एक दृश्य है. 10 दिसंबर 1942 की...
Read moreDetailsजवाहर का खून, उनकी रगों में अपना रंग दिखा रहा है 1947 का मशहूर किस्सा है... पार्टीशन की बेला थी,...
Read moreDetailsअगर मुझे किसी मंदिर से और किसी वेश्यालय से एक साथ निमंत्रण मिले तो मैं वेश्यालय जाना पसंद करूंगा, क्योंकि...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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