पराली पर कोहराम : किसान नहीं सरकार की नीतियां जिम्मेदार है ईं. राहुल पटेल पराली का सच जानने के लिए...
Read moreDetailsलुगदी साहित्य का अपने दौर में सबसे ज़्यादा बिकने वाला नाम - गुलशन नंदा 'गुलशन नंदा' यानि हिन्दी में पल्प...
Read moreDetailsखलक खुदा का, मुलुक बाश्शा का हुकुम शहर कोतवाल का... हर खासो-आम को आगाह किया जाता है कि खबरदार रहें...
Read moreDetailsअयोध्या में 22 लाख 23 हजार दीप जलाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया जा रहा था, उसी समय उत्तराखण्ड में चारधाम...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार फासीवादी कहेगा - गरीब आलसी होते हैं, मेहनती लोग अमीर होते हैं. प्रगतिशील कहेगा - किसान मजदूर लोग...
Read moreDetailsआंसुओं का वर्ग : पीड़ितों के आंसू बनाम घड़ियाली / सेलेक्टिव आंसू सुब्रतो चटर्जी मनीष सिसोदिया को अपनी बीमार पत्नी...
Read moreDetailsरूसी क्रान्ति का विकास पथ और इसका ऐतिहासिक महत्व अर्जुन प्रसाद सिंह रूस की महान समाजवादी क्रान्ति की अन्तर्वस्तु को...
Read moreDetailsविनोबा का भूदान आंदोलन गरीबों के साथ धोखा था ? अंग्रेजों से आजादी के बाद देश को सामंतों से आजादी...
Read moreDetailsजगदीश्वर चतुर्वेदी आज देश में पंडित नेहरु की जयन्ती धूमधाम से मनायी जा रही है. नेहरु के व्यक्तित्व का निर्माण...
Read moreDetailsमुसलमान के पक्ष में क्यों लिखते हो ? क्या तुम्हारा पिता मुल्ला था ?? क्या तुम्हारी मां के किसी मुसलमान...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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