इन्दरा राठौड़ ज्ञानेश कुमार राहुल से शपथ पत्र मांगते समय भूल गए कि पीएम और गृहमंत्री के साथ साथ विपक्ष...
Read moreDetails'जसवंत सिंह खालरा': लावारिस लाशों दा वारिस मनीष आज़ाद 2022 में एक फिल्म बनकर तैयार हुई- 'पंजाब 95' हनी त्रेहन...
Read moreDetailsबिहार एक राज्य है लेकिन आर्थिक और शैक्षणिक तौर पर इसकी हैसियत एक उपनिवेश से अधिक नहीं हेमन्त कुमार झा,...
Read moreDetailsवोट देने का ही हक न रहेगा तो लोकतंत्र का क्या होगा ? - ज्यां द्रेज़ ये विवाद बिहार चुनाव...
Read moreDetailsब्रा विमर्श कितना जरूरी, कितना गैर-जरूरी ! प्रियंका ओम ब्रा विमर्श कितना जरूरी, कितना गैर-जरूरी, जितना पहनना या न पहनना....
Read moreDetailsमोदी का अंत देसी पूंजी की ताक़तें ही करेंगी ? सुब्रतो चटर्जी दुनिया के इतिहास में शायद यह पहला मौका...
Read moreDetailsहमारे छीनते मानवाधिकार, हमारी नासमझी और हमारी उदासीनता हमारा देश 15 अगस्त 1947 के अंग्रेजी राज से आजाद हुआ. 26...
Read moreDetailsनंद किशोर सिंह ठोस परिस्थिति का ठोस विश्लेषण मार्क्सवाद की जीती-जागती आत्मा है. हमारे देश में 1947 में हुए सत्ता...
Read moreDetailsहम क्रांति के पाठकों के लिए सीपीआई (माओवादी) महासचिव कॉमरेड बसवराजू द्वारा किसी विदेशी पत्रकार को दिए गए पहले साक्षात्कार...
Read moreDetailsसाक्षात्कार 2 : केंद्रीय सैन्य आयोग के प्रमुख के रूप में सीपीआई (माओवादी) के महासचिव कॉमरेड बासवराज का साक्षात्कार साक्षात्कारकर्ता:...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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