कश्मीर दुनिया की सबसे खूबसूरत जेल है क्या लोकतंत्र को नागरिक शहरों, कस्बों और गांवों पर दशकों तक दैनिक आधार...
Read moreDetailsअगर प्रेम में ही गरिमा नहीं होगी तो और किसमें होगी ? वर्ष 1959 में राज कपूर की एक फ़िल्म...
Read moreDetailsबूंद-बूंद पानी को तरस रहे फरीदाबाद के मजदूर बूंद-बूंद पानी को तरस रहे फरीदाबाद के मजदूरों ने दिन भर 12-12...
Read moreDetailsआपके डीएनए में क्या है, सारी दुनिया जान गई !! सत्यवीर सिंह 'मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, भारत, दुनिया के सबसे विशाल...
Read moreDetails'मैं साहित्य का और बाद में कानून का किसी-न-किसी का गुरु रहा. मेरे अधिकतर शिष्य गुरु घंटाल हो गए. उन्हें...
Read moreDetails'कल बहुत जल्दी होता...और कल बहुत देर हो चुकी होगी...समय है आज’ कहा जाता है कि 17वीं शताब्दी की अंग्रेज़...
Read moreDetailsआज की दुनिया को नीतिगत तौर पर राजनेता नहीं, वैश्विक वित्तीय शक्तियां संचालित कर रही है ! हेमन्त कुमार झा,एसोसिएट...
Read moreDetailsप्रेमी फ़क़ीर होते हैं, मैं शून्य हूं... प्रेमी फ़क़ीर होते हैं. प्रेमी धन कमा नहीं सकता; कमा भी ले, तो...
Read moreDetailsआर्थिक मंदी : समाजवादी अर्थव्यवस्था का मुकाबला पूंजीवादी अर्थव्यवस्था कभी नहीं कर सकता मौजूदा व्यवस्था के रहते, हमारे देश में...
Read moreDetailsदेश चाहे जिसको सौंप दिया, घर बचा लीजिये, आख़िर बच्चे तो आपके हैं न ... ! 1757 में प्लासी की...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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