ख़बर है कि महिला दिवस की शुभकामनाओं के बीच किसी भी महिला ने हरेक दिन कुछ दर्जन की औसत से...
Read moreDetailsतुम मेरी अरदास हो पाठ हो पूजा हो होमो हवन हो यज्ञ हो मेरे ललाट पर चमकता रोली अक्षत हो...
Read moreDetailsअक्सर मिलता हूं उनसे वे जो हाथों में रंगों के विभिन्न शेड्स के अल्बम लिए दौड़ कर चढ़ते हैं ट्रेन...
Read moreDetailsएक प्रश्न मन मे काफी समय से सड़ रहा है, क्या एक स्त्री और पुरूष के प्रगाढ़ संबंधों का मापदंड...
Read moreDetailsअर्थात् कुछ भी हो सकता है इन दिनों मौसम में कुछ गर्मी है और कुछ सर्दी भी तुम इसे बसंत...
Read moreDetailsचरवाहा देश के बारे में नहीं जानता प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के बारे में नहीं जानता पर चरवाहा जंगल के बारे...
Read moreDetailsक्रांति का रास्ता खेतों से हो कर ही जाता है ! किसानों को देख कर लगता है कि क्रांति होगी...
Read moreDetailsप्रह्लाद तुम्हारा नहीं उसका है बेटा तुम्हारा तुम्हारे नाम भर का है वह न तुम्हारा न तुम्हारे हित का रहा...
Read moreDetailsमैं जिस बसंती का हाथ थामे एक रंग बिरंगे जंगल में समाना चाहता हूं वहां तुम्हारी चाहतों का एक चिपचिपा...
Read moreDetailsएक नंबर के दंगाई ने दो नंबर के दंगाई को बचाया फिर दो नंबर के दंगाई ने एक नंबर के...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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