निबंध लिखना भेड़िया पर था निबंध लिखा गाय पर आखिर क्या करता यही एक निबंध था जो याद था सो...
Read moreDetailsअंततः जीत गये आप युद्ध भूमि में अंत के बाद तक आप ही थे तब भी जब सारे योद्धा जा...
Read moreDetails1. चिर-निद्रा फासिस्ट के सिर पर कोई सींग नही होते दिखता है आदमी जैसा चलना फिरना बात करना आदमी जैसे...
Read moreDetails'लो मैं जीत गया...!' सुदूर जंगल से लगा एक कस्बा एक खाली इमारत, चन्द कुर्सियां गहरी रात का पहर पांच...
Read moreDetailsये उम्र जेल जाने का नहीं है ये उम्र पुलिस की हिरासत में बिताने का नहीं है ये उम्र तो...
Read moreDetailsभूलने की सजा भूलना बहुत आसान है लेकिन याद करना एक संघर्ष है जैसे गहरे कुएं से पानी निकालना याद...
Read moreDetailsतुम बहुत डरे हुए हो नहीं तो एक कवि के पास क्या रखा है ? सिवाय कुछ कविताओं के जिनसे...
Read moreDetails1 तुमने कभी चौपायों के खुरदुरे खुर से किसी हरी पगडंडी को धूसर नहीं होते हुए पाया होगा जैसे वे...
Read moreDetailsराष्ट्र भक्त बनने के लिए आपको देश के एक काल्पनिक चित्र पर गर्व करना है सेना की जय बोलनी है...
Read moreDetailsआजादी खाने को, पहनने को, चलने को, सोने को, बतियाने को इस तरह का कोई भी दैनिक काम करने को...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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