चमत्कारों से घिरा पुरूष चमत्कारों से घिरा पुरूष उन दिनों पुरूष नहीं था महज एक इंसान था बाढ़, तूफान उसे...
Read moreDetailsऐनी फ़्रैंक को उसके जन्मदिन पर याद करते हुए ऐनी फ़्रैंक ! एक तेरह वर्ष की लड़की ! यहूदी !...
Read moreDetailsइतनी चमक दमक के बावजूद तुम्हारे दिन तुम्हारे जीवन को सजीव बना देने के इतने सवालो के बावजूद तुम इतने...
Read moreDetailsअच्छा किया तमिल कवयित्री सुकीरथरणी ने जो अडानी समूह द्वारा प्रायोजित देवी पुरस्कार लेने से साफ इंकार कर गयीं नहीं...
Read moreDetailsएक मरी हुई चिरैया मेरे पांव के सामने पड़ी है अगला कदम उठाने के पहले हज़ार बार सोचना है हर...
Read moreDetailsअब बाजार से नहीं, युद्ध से तुम्हारे लिए खुशियां लाऊंगा हमारे आंखों के सामने एक संसार गढ़ा जा रहा है...
Read moreDetailsअमावस की रात अमावस की रात जली हुई काली रोटी है जब मुझे भटकना अच्छा लगता है तो मैं तुम्हारे...
Read moreDetails1. गुलामी की चादर यहां कुछ भी एका-एक नहीं होता है जो भी होता है उसके पीछे एक योजना होती...
Read moreDetailsइन दिनों तुमसे बात करने के लिए एक दुभाषिये की ज़रूरत होती है मेरा कहा गया हरेक शब्द खो देता...
Read moreDetailsदूर हूं असंपृक्त नहीं जंगल से आती मादल की थापों हूंकार भरे गीतों की दूरागत ध्वनि फौजी बूटों की धमक...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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