स्त्रियां बीहड़ से बीहड़ में भी अगर किसी वट, पीपल या बेल के नीचे तुम्हें एक जलता हुआ दीया दिख...
Read moreDetailsफेसबुक पर एक स्त्री होना क्या है फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही लोग राफेल की गति से इनबॉक्स में एंट्री...
Read moreDetailsसंभव है कि तुम्हारे द्वारा की गई हत्या के जुर्म में मुझे फांसी पर लटका दिया जाए यह भी संभव...
Read moreDetailsकुछ अस्पतालों में मरे कुछ चलती ट्रेन के नीचे और कुछ जो खुले में थे जब तुम्हारे बमबर्षक कलाबाज़ियां खाते...
Read moreDetailsजब मैं मरूंगा अपने साथ अपनी सारी प्रिय किताबों को ले जाऊंगा अपनी क़ब्र को भर दूंगा उन लोगों की...
Read moreDetailsफोटो मम्मी के मायके के जंगलों की है, बिनसर, देवलीखेत रानीखेत जंगलों ने गीत गुनगुनाती हुई स्त्रियों को ठहाका मारकर...
Read moreDetailsपृथ्वी को उसकी धुरी पर किसने घुमाया होगा पृथ्वी को उसकी धुरी पर किसने घुमाया होगा क्या एक कुम्हार ने...
Read moreDetailsलहू अब गाता नहीं... लहू अब गाता नहीं सिर्फ रेंगता है चिपचिपा सा रेंगते हुए सड़क पर चिपक जाता है...
Read moreDetailsतुम्हारे कोमल हथेलियों की छुअन अब तक स्मृति में है मेरे तेरे होंठों की तपन का अहसास है मुझे गुलाबी...
Read moreDetailsसोता हुआ आदमी शोर नहीं मचाता नारे नहीं लगाता प्रतिवाद की मुठ्ठियां बांधे सड़कों पर नहीं निकलता सोता हुआ आदमी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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