कुछ लोग मुझे इसलिए छोड़े कि मैं उनके जैसा उनके जितना उतना अच्छा नहीं था वे लोग मुझे ज्यादा छोड़े...
Read moreDetailsकपाल क्रिया से लौट कर ब्रह्म भोज में शामिल होने के बीच ब्राह्मण भोजन का रिवाज है. मृतक की...
Read moreDetailsतुम जीत गए तो इससे क्या ? इस देश को उल्टा कर दोगे ? पब्लिक सेक्टर खा जाओगे ? जनता...
Read moreDetailsजी करता है दिखा दूं सीना चीर के, कलेजा छलनी हुआ पड़ा है, मनुवाद के तीर से ! हमारे पूर्वज...
Read moreDetailsयह आवाज चौधरी जी, आप की नहीं लगती गोस्वामी जी, यह तो वही आवाज है जो दिल्ली दरबार रोज सुबह...
Read moreDetailsलोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें लुटेरों और हत्यारों को चुनने की पूर्ण और अबाध स्वतंत्रता होती...
Read moreDetailsएफिल टावर शहर के किसी कोने से देखा जा सकता है मैं उसकी बगल में हूं मैं किसी एंगल से...
Read moreDetailsयह आवाज चौधरी जी, आप की नहीं लगती गोस्वामी जी, यह तो वही आवाज है जो दिल्ली दरबार रोज सुबह...
Read moreDetailsचौबीस हजार की मौत का एक भी सबूत नहीं मिला असल में यह सामूहिक हत्या नहीं किसी वर्ग विशेष के...
Read moreDetailsपूरी तरह से कोई नहीं लौटता घर बदरंग दीवार की एक खुरचन तुम्हारी बिंदिया समेटे आईने की कतरन बर्फ़ की...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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