लू-शुन एक गुलाम हरदम लोगों की बाट जोहता रहता था, ताकि उन्हें अपना दुखड़ा सुना सके. वह बस ऐसा ही...
Read moreDetailsविष्णु नागर महाबली का महामुंह हमेशा खुला रहता था. इसका कारण था. एक बाबा ने उससे कहा था कि बच्चा...
Read moreDetailsआओ-आओ अजय, आओ. घबराए हुए से लग रहे हो ! सर गलती हो गई. घबराहट में पत्रकारों से कुछ ज्यादा...
Read moreDetailsओबीसी - हुज़ूर हमारा आरक्षण ख़त्म मत कीजिए. यह संवैधानिक व्यवस्था है. सवर्ण जज - लेकिन आपके पिछड़ेपन का आंकड़ा...
Read moreDetailsवह जूडाई का गवर्नर था. जूडाई रोमन राजाओ का जीता हुआ इलाका था. साम्प्रदायिक तनाव के बीच एक अशान्त एशियन...
Read moreDetailsवामपंथियों ने इतिहास से लुप्त कर दिया एक कड़वा सच - गोरखपुर के नजदीक एएसआई की खुदाई चल रही थी....
Read moreDetailsआधी रात का समय था. रोज की तरह एक बुजुर्ग शराब के नशे में अपने घर की तरफ जाने वाली...
Read moreDetailsएक राजा था, वह मूर्तिपूजा का घोर विरोधी था. एक दिन एक व्यक्ति उसके राज दरबार में आया और राजा...
Read moreDetailsमैं भी ख़ुश था 'वाल्मीकि' शब्द अपनाकर लेकिन उसने मेरा सारा भरम तोड़ दिया. बात उन दिनों की है जब...
Read moreDetailsरेणु आनंद एक लड़का अपने पिताजी से सवाल करता है - लडका - पापा मुझे स्कूल में पढाया गया कि...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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