Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home लघुकथा

इंजीनियर का जोकर

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
February 18, 2022
in लघुकथा
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

जोकर का इंजीनियर

एक बेराजगार इंजीनियर काफी दिनों से नौकरी तलाश रहा था, पर नौकरी उस लड़की की तरह व्यवहार कर रही थी जो क्लास के सभी लड़को को डेट कर चुकी थी लेकिन सिर्फ उसी से कतरा रही थी.

You might also like

एन्काउंटर

धिक्कार

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

उसके साथ के सारे एमबीए, एमसीए जॉब पर लग चुके थे लेकिन उसे हर जगह से ठुकराया जा चुका था. मां बाप ने भी जेब खर्च देना बंद कर दिया था और गर्लफ्रेंड तो किसी और से शादी कर दो बच्चों की अम्मा बन चुकी थी.

ऐसी मुश्किल परिस्थिति में इंजीनियर ने तय किया कि अब जो भी काम मिले कर लूंगा. कम से कम दो वक़्त की रोटी तो नसीब होगी. तभी बिल्ली के भाग से छींका टूटा और उसे पता चला कि सर्कस में एक मैनेजर की जगह खाली है. इंजीनियर को लगा कि चाहे जो हो जाये इस नौकरी को हाथ से जाने न दूंगा.

उसने इंटरव्यू दिया तो देखा कि सर्कस में तो उसके जैसे इंजीनियर्स की लाइन लगी है, वो ये देख निराश हो गया. सर्कस का मालिक उसकी निराशा समझ गया. वो भला आदमी था. उसने इंजीनियर के कान में कहा कि एक नौकरी है, करना चाहो तो दो वक़्त के खाने और 30 हजार रूपये महीने पे दे सकता हूं.

इंजीनियर इस काम के लिए ख़ुशी ख़ुशी तैयार हो गया और एक वक़्त का भर पेट खाना खाने के बाद मालिक ने उसे अपने कमरे में बुलाया और बन्दर की ड्रेस देकर कहा – इसे पहन लो और किसी पेड़ की डाली में चढ़ कर बैठ जाओ. जब लोग आये तो उन्हें तरह तरह के करतब दिखाओ. अपनी हरकतों से उन्हें हंसाओ…’.

इंजीनियर ने चुपचाप बन्दर की ड्रेस पहन ली और पेड़ पर चढ़कर लोगों का मनोरंजन करने लगा.

बहुत से लोग आते, उसे देखते और खुश होते. कुछ उसे केला देते तो कुछ मूंगफलियां खिलाते. कुछ इतने कमीने होते कि उसे पत्थर मारते, चिढ़ाते.

एक दिन सर्कस देखने उसी के कॉलेज के जूनियर्स का ग्रुप आया था. वो उन्हें देख कर बहुत खुश हो गया और सोचा कि आज इनका खूब मनोरंजन करूंगा. लेकिन ये नए नवेले इंजीनियर्स बहुत कमीने थे. ये बन्दर को परेशान करने लगे.

कोई उसकी पूंछ खींचने लगा तो कोई पत्थर मारने लगा और इसी खींचतान में बन्दर शेर के बाड़े में गिर गया. बन्दर ने शेर को देखा और शेर ने बन्दर को. लोगों ने बाड़े के बाहर से दोनों को देखा.

बन्दर की ड्रेस गीली हो गयी और दर्शकों को पसीना छूटने लगा. बन्दर भगवान् से प्रार्थना करने लगा. उसे लगा कि उसका आखिरी समय आ गया है. शेर आराम से बन्दर के पास आया और उसे सूंघने लगा. दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए.

बन्दर ने डर के मारे आंखें बंद कर ली और हनुमान चालीसा का पाठ करने लगा. अचानक बन्दर के कानों में शेर की आवाज़ गूंजी – ‘अबे घबरा मत, मैं हूं तेरा सीनियर, 2016 बैच… civil ब्रांच…’.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें]

Previous Post

जबरन टीकाकरण के खिलाफ जारी विश्वव्यापी आन्दोलन

Next Post

प्रतिबंधित कविता – ‘कौन जात हो भाई ?’

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

लघुकथा

एन्काउंटर

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

by ROHIT SHARMA
February 7, 2026
लघुकथा

इतिहास तो आगे ही बढ़ता है…

by ROHIT SHARMA
January 5, 2026
लघुकथा

सवाल

by ROHIT SHARMA
August 16, 2025
Next Post

प्रतिबंधित कविता - 'कौन जात हो भाई ?'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

एक गुमराह समाज का हिस्सा होना कितना अजीब होता है ?

March 15, 2023

नामांकन पॉलिसी में बदलाव के खिलाफ जेएनयू में विरोध-प्रदर्शन और चुनाव के लिए आम संदेश

April 12, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.